कुछ ही महीनों में सभी सरकारी और बड़े बिजनेस सिस्टम हैक कर लेगा एडवांस एआई! दुनिया के लिए खतरे की घंटी

सरकारों के सिक्योरिटी सिस्टम को ध्वस्त करने वाले एआई मॉडल अब कुछ महीनों में बनने जा रहे हैं. दुनिया की प्रमुख खुफिया एजेंसियों ने इसे लेकर चेतावनी दी है. एआई तकनीक आने वाले कुछ महीनों में बड़े साइबर हमलों को आसान बना सकती है. ये चेतावनी बिजनेस कंपनियों के लिए भी है.

बड़ी खुफिया एजेंसियों ने जारी की चेतावनी
अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खुफिया गठबंधन फाइव आइज ने भी इसे लेकर चेताया है. उन्होंने सरकारों और कंपनियों से अभी से अपनी साइबर सुरक्षा मजबूत करने को कहा है. जासूसी एजेंसियों के समूह ने सोमवार को बयान में कहा, “फ्रंटियर एआई मॉडलों के इस समय उम्मीदों से आगे निकलने की राह पर है, ये आक्रामक और रक्षात्मक दोनों साइबर पॉवर का रूप बदल देंगे. इसकी समय-सीमा साल नहीं, बल्कि महीने हैं.”

आसान हो जाएगा साइबर हमला
एजेंसियों का कहना है कि नए एआई मॉडल साइबर हमलों को तेज और अधिक असरदार बना सकते हैं. इससे हैकर और साइबर अपराधी सिक्योरिटी सिस्टम में कमजोरियां आसानी से ढूंढ पाएंगे. जानकारों की मानें तो अब सवाल यह नहीं है कि साइबर हमला होगा या नहीं, बल्कि यह है कि वह कब होगा.

इसी बीच, अमेरिकी ने एआई कंपनी एंथ्रोपिक के कुछ नए मॉडलों के इस्तेमाल पर बैन लगाए हैं. कंपनी के एक मॉडल को सुरक्षा खामियां खोजने में बेहद सक्षम बताया गया है. जानकारों का मानना है कि बड़े बिजनेस बेहतर तैयार हैं, लेकिन छोटे और मध्यम सबसे ज्यादा जोखिम में हैं. इसलिए कंपनियों को पुराने सिस्टम अपडेट करने, सुरक्षा पैच लगाने और डेटा तक को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

AI के दौर पर ज्यादा होंगे हमले
सिडनी विश्वविद्यालय में यूनाइटेड स्टेट्स स्टडीज सेंटर के स्ट्रैटेजिक टेक्नोलॉजीज प्रोग्राम की निदेशक ओलिविया शेन ने सीएनएन से बात की है. उन्होंने बताया कि यह संदेश यह कह रहा था कि एआई के इस दौर में सुरक्षा ब्रीच होंगे.

फाइव आइज ने यह भी कहा कि एआई सिर्फ खतरा नहीं है, बल्कि सुरक्षा का हिस्सा भी बन सकता है. एआई टूल्स की मदद से कंपनियां कमजोरियों का जल्दी पता लगा सकती हैं और साइबर हमलों का तेजी से जवाब दे सकती हैं.