अस्पताल में शवों के ढेर? ईरान में सुरक्षाबलों पर गोली चलाने के आरोप, विरोध प्रदर्शन में अब तक 78 की मौत

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन तीसरे हफ्ते में भी जारी हैं, जो अब देश के सभी 31 प्रांतों में फैल चुके हैं। कड़ी कार्रवाई, देशव्यापी इंटरनेट बंदी और भारी संख्या में गिरफ्तारियों के बावजूद लोग सड़कों पर उतर रहे हैं, जिससे देश में गंभीर तनाव बना हुआ है।

चश्मदीदों ने सुरक्षाबलों पर गोली चलाने और प्रदर्शनकारियों को मारने के गंभीर आरोप लगाए हैं। एक व्यक्ति ने तो अस्पताल में शवों के ढेर लगे होने की भी बात कही। अमेरिका स्थित एक मानवाधिकार संगठन के अनुसार, इन प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 78 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है, जबकि 2600 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

इंटरनेट बंद का एलान
ईरानी अधिकारियों ने विरोध को कंट्रोल करने के लिए इंटरनेट और फोन सेवाओं को बंद कर दिया है। ईरान पिछले 60 घंटे से अधिक समय से लगभग पूरी तरह ऑफलाइन है। इस इंटरनेट ब्लैकआउट के कारण देश के भीतर की सही स्थिति जानना और बाहरी दुनिया तक सूचनाओं का पहुंचना बेहद सीमित हो गया है।

ईरान के संसद अध्यक्ष ने अमेरिका को दी सख्त चेतावनी
विरोध प्रदर्शनों के बीच, ईरान के संसद अध्यक्ष ने अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि यदि वॉशिंगटन ने सैन्य हस्तक्षेप किया, तो ईरान जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी सैन्य और व्यावसायिक ठिकानों को निशाना बनाएगा। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान के लोगों के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए कहा है कि अमेरिका उनकी मदद के लिए तैयार है।