पटना में धायं-धायं, एनकाउंटर के बाद बदमाश अरेस्ट, UP की तर्ज पर बिहार में भी ऑपरेशन लंगड़ा शुरू

बिहार में भी उत्तर प्रदेश की तर्ज पर बदमाशों के एनकाउंटर किए जा रहे हैं. दानापुर में बीती रात एक बदमाश को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया. पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए पहुंची, तो उसने एसएचओ पर 2 गोलियां चला दीं. गनीमत रही कि SHO को बाल-बाल बच गए. जवाबी कार्रवाई में अपराधी के पैर में गोली लगी. घायल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. पूछताछ में कई खुलासे हुए.
मामला दानापुर अनुमंडल के मनेर थाना क्षेत्र का है.

जहां 84 गांव निवासी अपराधी नितीश कुमार पुलिस एनकाउंटर में घायल हो गया. यह मुठभेड़ रतन टोला के पास उस वक्त हुई, जब पुलिस उसे गिरफ्तार कर हथियार बरामदगी के लिए ले जा रही थी. जानकारी के मुताबिक, हथियार बरामदगी के दौरान अपराधी नितीश ने अचानक पिस्टल निकालकर मनेर थानाध्यक्ष रजनीश कुमार पर लगातार दो फायरिंग कर दी. गनीमत रही कि थानाध्यक्ष बाल-बाल बच गए. जवाबी कार्रवाई में SHO ने काउंटर फायरिंग करते हुए अपराधी के पैर में गोली मार दी, जिससे वह घायल हो गया. इसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही दबोच लिया. तलाशी में अपराधी के पास से दो पिस्टल और खोखे बरामद किए गए हैं.

बदमाश ने सराफा कारोबारी को मारी थी गोली
घायल अपराधी को पहले मनेर पीएचसी में प्राथमिक उपचार दिया गया, फिर बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच पटना रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है. पूछताछ के दौरान आरोपी ने सराफा व्यवसायी पर गोली चलाने के मामले में अपने तीन अन्य साथियों के नाम भी उजागर किए हैं. बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले नितीश कुमार ने मनेर थाना क्षेत्र में सोना व्यवसायी संजय सोनी को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था. इसी वारदात के बाद से वह फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी.

घटना की सूचना मिलते ही सिटी एसपी (पश्चिम) भानु प्रताप सिंह और डीएसपी दानापुर-2 अमरेंद्र कुमार झा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. साक्ष्य संकलन के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया है. सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि लूट के प्रयास में शामिल इस अपराधी को पहले गिरफ्तार किया गया था, लेकिन हथियार बरामदगी के दौरान उसने पुलिस पर ही फायरिंग कर दी. पुलिस ने आत्मरक्षा में कार्रवाई करते हुए उसे घायल कर पकड़ा. फिलहाल पुलिस आरोपी के आपराधिक इतिहास और नेटवर्क की जांच कर रही है. साथ ही उसके फरार साथियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है. पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि ऑपरेशन लंगड़ा के तहत अपराधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.