ऑपरेशन सिंदूर में स्ट्रैटजिक कम्युनिकेशन कितना अहम, अवॉर्ड लिस्ट से भी मिला संदेश

नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर जब भारतीय सेना में विशिष्ट सेवा के लिए अवॉर्ड का ऐलान हुआ तो इससे ये भी साफ संदेश मिला कि किस तरह स्ट्रैटजिक कम्युनिकेशन की अहमियत बढ़ रही है। कुछ दिन पहले ही आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने नेरेटिव वॉरफेयर को लेकर कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर से हमने कई सीख ली। हम उससे पहले भी बहुत तैयारी कर चुके थे। उन्होंने कहा कि हमने सीखा कि जो भी खबर देते हैं उसकी क्रेडिबिलिटी होनी चाहिए क्योंकि लंबे समय में आपकी क्रेडिबिलिटी होना बहुत जरूरी है। किसी भी नेरेटिव मैनेजमेंट डोमेन में वैक्यूम नहीं होना चाहिए।

कर्नल सोफिया कुरैशी , अनुरंजन श्रीवास्तव, कर्नल आशीष उप्रेती को भी अवॉर्ड
भारतीय सेना के स्ट्रैटजिक कम्युनिकेशन के डीडीजी ब्रिगेडियर अनुरंजन श्रीवास्तव को सेना मेडल (distinguised) का ऐलान किया गया है। स्ट्रैटजिक कम्युनिकेशन टीम में ही सोशल मीडिया का जिम्मा संभाल रहे कर्नल आशीष उप्रेती को विशिष्ट सेवा मेडल का और स्ट्रैटजिक कम्युनिकेशन टीम से कर्नल परिक्षित दहिया को, ऑपरेशन सिंदूर की प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाली अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को भी विशिष्ट सेवा मेडल का ऐलान किया गया है। पहले स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर जब अवॉर्ड का ऐलान किया गया था तो स्ट्रैटजिक कम्युनिकेशन के एडीजी मेजर जनरल संदीप एस शारदा को युद्ध सेवा मेडल का ऐलान किया गया था।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष ही नहीं चल रहा था बल्कि नेरेटिव वॉर भी चल रही थी। पाकिस्तान की तरफ से लगातार झूठ फैलाने की कोशिश हो रही थी जिसे लगातार भारत की तरफ से काउंटर भी किया जा रहा था। ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च होने से कई दिन पहले जब इसकी रूपरेखा बनी तभी से ही भारतीय सेना के स्ट्रैटजिक कम्युनिकेशन में इस मिशन के सफल होने और फिर दुनिया को इसकी जानकारी देने की तैयारी शुरू हो गई थी।

पाकिस्तान के आतंकी ठिकाने तबाह करने के बाद की गई थी प्रेस वार्ता
जैसे ही आर्मी और एयरफोर्स ने पीओजेके और पाकिस्तान के अंदर 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किया तब इसकी जानकारी रक्षा मंत्रालय की प्रेस रिलीज के जरिए सार्वजनिक की गई। रात 1 बजकर 44 मिनट पर रिलीज आई। ऑप्स रूम में मौजूद आर्मी के एक अधिकारी बाहर आए, अपना फोन उठाया और ठीक 1 बजकर 51 मिनट में इंडियन आर्मी के सोशल मीडिया हैंडल से ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का ऐलान कर दिया गया । इंडियन आर्मी के हैंडल से ही सबसे पहले ऑपरेशन सिंदूर का चिन्ह भी दुनिया के सामने आया। जिसमें सिंदूर के जरिए दिखाया गया है कि बदला पूरा हुआ।

ऑपरेशन सिंदूर के लोगो सहित जितने भी विडियो प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरूआत में चलाए गए वे सभी सोशल मीडिया सेक्शन में तैयार किए गए। इसके लिए दिन-रात लगातार काम हो रहा था क्योंकि सिर्फ विडियो ही तैयार नहीं करने थे बल्कि उसके जरिए दुनिया को संदेश भी देना था। 11 मई को टॉप मिलिट्री ऑफिसर्स की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले जो विडियो चलाया गया उसमें शिव तांडव म्यूजिक का इस्तेमाल किया गया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में रश्मिरथी की लाइन चलाई गई थी
इसके दूसरे दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो विडियो चलाया गया उसमें रामधारी सिंह दिनकर की रश्मिरथी की लाइन, जब नाश मनुज पर छाता है पहले विवेक मर जाता है… याचना नहीं रण होगा… का इस्तेमाल किया गया। ये रॉक म्यूजिक स्टाइल रखा गया। टीम ने सॉन्ग और बैकग्राउंड म्यूजिक काफी रिसर्च के बाद चुना। साथ ही क्या विजुवल्स दिखाने हैं इस पर भी काफी मेहनत की गई। उसके बाद से भी लगातार नेरेटिव वॉर में नए नए प्रयोग हो रहे हैं।