विंटर वंडरलैंड बना हिमाचल! पूरी रात होती रही बारिश-बर्फबारी, 3 NH समेत 627 रोड ठप्प, स्कूल-कॉलेज बंद

शिमला. तीन महीने के बाद ड्राई स्पेल टूटते ही हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बर्फबारी हो रही है. मंगलवार दोपहर से लेकर बुधवार सुबह पांच बजे तक हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश देखने को मिली. वहीं, शिमला, मनाली, नारकंडा, किन्नौर, लाहौल स्पीति समेत तमाम ऊंचाई वाले जिलों में बर्फबारी होती रही. मंडी जिले में पूरी रात मॉनसून की तरह बारिश हुई, जो सुबह पांच बजे बंद हुई.

फिलहाल, पूरे कुल्लू जिले में बुधवार को स्कूल कॉलेजों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं. इसी तरह, लाहौल घाटी में उदयपुर और केलांग उपमंडल में शैक्षणिक संस्थान आज बंद रहेंगे.

दरअसल, करीब 3 महीने के ड्राई स्पेल के बाद आसमान से बरसी इस सौगात से हर कोई खुश नजर आ रहा है. किसानों-बागवानों से लेकर पर्यटन कारोबारियों तक के चेहरे खिल गए हैं. प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में जारी हिमपात के चलते काफी संख्या में सैलानी यहां पहुंच रहे हैं. हिमाचल की राजधानी शिमला में भी हर रोज हजारों की संख्या में टूरिस्ट पहुंच रहे हैं. खासकर ताजा बर्फबारी को देखने के लिए लोग दूर-दूर से यहां पहुंच रहे हैं. बर्फ के दीदार के लिए लोग इस कदर भी दीवाने हैं कि हिमाचल प्रदेश के जिन इलाकों में बर्फ नहीं पड़ती, वहां से भी लोग बर्फ देखने के लिए शिमला पहुंच रहे हैं. यहां आने पर सैलानियों का खूब पैसा वसूल हो रहा है.

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला का पूर्वानुमान है कि ये दौर अभी जारी रहेगा. बुधवार के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. प्रदेश के ऊंचाई वाले स्थानों पर हिमपात और मैदानी इलाकों में वर्षा की संभावना है. राज्य सरकार ने सैलानियों के लिए चेतावनी जारी की है कि वे जोखिम वाले स्थानों पर न जाएं. सरकार ने पर्यटकों से अपील की है कि जोखिम भरे इलाकों, खासकर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और यातायात के साथ-साथ सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें.

मौसम के बदले मिजाज से कई स्थानों पर दुश्वारियां भी देखने को मिल रही है. बारिश और बर्फबारी के चलते प्रदेश के कई इलाकों में सड़कें अवरूद्ध हो गई हैं और बिजली-पानी का संकट भी गहरा गया है. मंगलवार शाम तक हिमाचल में 3 एनएच और 627 सड़कें बंद हो गई थीं. विद्युत आपूर्ति के 876 ट्रांसफार्मर ठप हैं और जलापूर्ति की 160 परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं.

लाहौल-स्पीति जिला में सबसे ज्यादा 290 सड़कें बंद हैं और एनएच 03 और एनएच 505 बर्फबारी के चलते आवाजाही के लिए पूरी तरह से बाधित है. अन्य जिलों की बात करें तो शिमला जिला में 97 सड़कें बंद हैं, बिलासपुर में 67, कांगड़ा में 4, किन्नौर में 4, कुल्लू में 64 सड़कें और एनएच 305 बंद है. मंडी जिला में 80, सिरमौर में 18 और ऊना जिला में 3 सड़क मार्ग अवरूद्ध हैं.

सैलानियों से विक्रमादित्य सिंह की अपील
विद्युत आपूर्ति की बात करें तो चंबा जिला में 137 बिजली के ट्रांसफार्मर ठप हैं, किन्नौर में 19, कुल्लू में 50, लाहौल-स्पीति में 6, मंडी में 119, शिमला में 384, सिरमौर में 97 और सोलन जिला में 64 ट्रांसफार्मर बंद हो गए हैं. जलापूर्ति की परियोजनाओं की बात करें तो कुल्लू जिला में 81, शिमला में 62, सिरमौर में 9, मंडी में 6 और चंबा के तीसा डिविजन में 2 परियोजनाएं बाधित हैं. लोकनिर्माण निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने हमीरपुर में मीडिया से बातचीत में कहा कि 503 जेसीबी मशीनों से अवरुद्ध सड़कों को खोला जा रहा है. विक्रमादित्य सिंह ने हिमाचल में पहुंच रहे सैलानियों से की अपील और कहा कि रोड सेफ्टी रूल का पालन करें और सड़क किनारे सैलानी वाहन ना छोड़ें.

शिमला में मंगलवार को दिन में बारिश होती रही. हालांकि, कुफरी और नारकंडा में स्नोफॉल देखने को मिला. पुलिस ने कुफरी औऱ फागू के बीच में नेशनल हाईवे को बंद कर दिया है. मनाली में पतलीकूहल से आगे फोर बाई फोर गाड़ियां जा ही हैं. ऐसे में बड़ी संख्या में सैलानियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मंडी की सराज घाटी में हिमपात हुआ है और कमरूनाग, पराशर झील भी बर्फ से लकदक हो गई है.