पटना: बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नीतीश सरकार नई नीति लेकर आई है। इसके तहत राज्य में सेमीकंडक्टर उद्योग लगाने के लिए उद्यमियों को 1 रुपये में 1 एकड़ जमीन दी जाएगी। साथ ही स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट जैसे कई आकर्षक प्रावधान किए गए हैं। इसके लिए बिहार सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026 को लागू किया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई।
बिहार सेमीकंडक्टर पॉलिसी के तहत उद्यमियों को पूंजीगत सब्सिडी दी जाएगी। साथ ही प्रोजेक्ट की लागत के प्रति 100 करोड़ रुपये के लिए 1 रुपये की टोकन राशि पर 1 एकड़ जमीन दी जाएगी। इससे राज्य में सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्हें यूनिट के रजिस्ट्रेशन के लिए पंजीयन शुल्क, स्टांप शुल्क और भूमि संपरिवर्तन शुल्क में भी छूट दी जाएगी।
उद्योग विभाग ने नीतीश कैबिनेट को दिए प्रस्ताव में कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र आधुनिक तकनीक के केंद्र में है। यह स्वास्थ्य सेवा, परिवहन, संचार, रक्षा और अंतरिक्ष का सपोर्ट सिस्टम है। भारत का चिप बाजार तेजी से बढ़ रहा है। साल 2030 तक इसके 100 अरब अमेरिकी डॉलर से पार होने का अनुमान है।
नीतीश सरकार इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए बिहार को पूर्वी भारत का टेक हब बनाने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा तय किए गए सात निश्चय पार्ट-3 में भी इसका संकल्प लिया गया है। इसी के अंतर्गत राज्य में सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नई नीति लागू की गई है। इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना और राज्य के आर्थिक विकास में तेजी लाना है।