शिमला. हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के कसोल में रेव पार्टियों के आयोजन पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. मणिकर्ण घाटी के कसोल के जंगलों में लगातार कुल्लू पुलिस खानापूर्ति कर रही थी. ऐसे में अब हाईकोर्ट ने कुल्लू कुल्लू और एसडीएम को ट्रांसफर करने के आर्डर जारी किए. हाईकोर्ट ने मामले पर संज्ञान लेते हुए कुल्लू जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण के सचिव को मौके पर रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे. कुल्लू जिले के कसोल में रेव पार्टियों के आयोजन पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है.
गुरुवार को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश न्यायमूर्ति बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई की और संयोजकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए. कोर्ट ने कहा कि जंगलों में रेव पार्टीज नहीं होनी चाहिए.
हाईकोर्ट ने डीएलएसए कुल्लू के सचिव को आदेश दिए थे कि वे स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की मदद से रेव पार्टियों की जगह का की 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपें. कोर्ट ने कुल्लू के डीसी और एसपी को भी निर्देश दिया था कि वे हलफनामे दाखिल करें और मीडिया की खबरों पर स्पष्टीकरण दें.
गौर रहे कि कसोल में 7 से 11 जून तक चार दिन रेव पार्टी का आयोजन किया गया था. सोशल मीडिया में इस पार्टी का प्रचार किया गया. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, ₹10,000 से ₹16,000 के बीच एंट्री फीस रखी गई थी. हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली खंडपीठ अब मामले पर 6 अगस्त को सुनवाई करेगी.
गौर रहे कि कसोल में रेव पार्टीज कोई नई बात नहीं है. हर साल इस तरह की पार्टियां यहां होती हैं और कुछ समय के लिए मुद्दा बनता है. हालांकि, खानापूर्ति के लिए पुलिस रेड भी करती है. हाल ही में आयोजन को लेकर पुलिस ने रेड भी की थी. गौर रहे कि रेव पार्टी में आई एक रशियन डीजे की भी 13 जून को होटल में मौत हो गई थी. महिला डीजे का शव होटल के कमरे में मिला था और आरोप है कि ड्रग ओवरडोज से जान गई थी.