हरियाणा का गजब मामला: मृतक महिला को बना दिया 90 गाड़ियों की मालकिन, बुजुर्ग पति की बुढ़ापा पेंशन रोकी

करनाल: हरियाणा के करनाल जिले में एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां एक मृत महिला को सरकारी रिकॉर्ड में 90 गाड़ियों की मालकिन बताया दिया है। यह गाड़ियां 16 जिलों में रिजस्टर्ड हैं। सरकारी रिकॉर्ड की इस बड़ी चूक की वजह से उसके 70 साल के बुजुर्ग पति को परेशानी में डाल दिया है। सरकारी चूक की वजह से करनाल के सेक्टर-34 में रहने वाले 70 साल के रविंद्र की बुढापा पेंशन रोक दी गई है। इससे पहले भी करीब डेढ़ साल पहले उनकी पेंशन सात महीनों तक बंद रही थी, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया था। हालांकि नवंबर 2025 से एक बार फिर पेंशन रोक दी गई। दिसंबर में बैंक जाकर जानकारी लेने पर पता चला कि उनके खाते में पेंशन की राशि नहीं आई है।

6 साल पहले पत्नी का हो गया था निधन
रविंद्र के अनुसार उनकी पत्नी सविता का निधन वर्ष 2019 में हो गया था। परिवार पहचान पत्र (फैमिली आईडी) में न सिर्फ उन्हें जीवित दर्शाया गया, बल्कि उनके नाम दोपहिया से लेकर कार और ट्रक तक कुल 90 वाहन दर्ज कर दिए गए। ये वाहन करनाल, पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद, गुरुग्राम, रोहतक, हिसार, सिरसा, कुरुक्षेत्र, बहादुरगढ़, रेवाड़ी, नारनौल सहित 16 जिलों के आरटीओ कार्यालयों में पंजीकृत बताए जा रहे हैं। इसके बाद उन्होंने समाज कल्याण विभाग से संपर्क किया, जहां उन्हें बताया गया कि फैमिली आईडी में भारी संपत्ति दर्ज होने के कारण उनकी पेंशन बंद की गई है। जब उन्होंने पहचान पत्र का विवरण निकलवाया, तो सामने आया कि उनकी पत्नी के नाम 90 वाहन दर्ज हैं, जिससे उन्हें करोड़पति श्रेणी में मान लिया गया।

घर पर सिर्फ पुरानी बाइक और एक एक्टिवा स्कूटी
रविंद्र का आरोप है कि उनकी पत्नी की मृत्यु के बाद वर्ष 2021 में खरीदी गई गाड़ियां भी सविता के नाम जोड़ दी गईं। नियमों के अनुसार यदि परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक हो तो बुढ़ापा पेंशन नहीं मिलती। इसी आधार पर उनकी पेंशन रोक दी गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास केवल एक पुरानी बाइक और एक एक्टिवा स्कूटी है, जो भी ठीक हालत में नहीं हैं। न उनके नाम और न ही उनकी पत्नी के नाम कोई कार या ट्रक है।