सोनीपत। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने सोनीपत में जिला परिवाद समिति की बैठक की अध्यक्षता की, जहां उन्होंने जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर दिया। उन्होंने बिजली निगम की लापरवाही पर कड़ा संज्ञान लेते हुए एक महिला को 71 हजार का बिल माफ करने और संबंधित जेई पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
7 मामलों में विस्तृत जांच के आदेश
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने स्पष्ट शब्दों में अधिकारियों को चेतावनी दी है कि जनता की शिकायतों के निपटारे में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकारी पूरी पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ काम करें, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
शिक्षा मंत्री शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित कान्फ्रेंस हाल में जिला परिवाद एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में 16 शिकायतें रखी गईं, जिनमें से 09 का समाधान उन्होंने मौके पर ही कर दिया, जबकि शेष 7 मामलों में विस्तृत जांच के आदेश दिए।
नया मीटर नहीं किया ऑनलाइन
बैठक के दौरान शास्त्री काॅलोनी की रहने वाली सुनीता देवी ने बिजली निगम की एक बड़ी लापरवाही को उजागर किया। उन्होंने बताया कि विभाग ने कुछ साल पहले उनके घर का मीटर बदला था।
उन्होंने सभी बिल समय पर चुकाए, लेकिन हाल ही में उन्हें अचानक 71 हजार 102 रुपये का भारी-भरकम बिल थमा दिया गया। विभाग की दलील थी कि उनका नया मीटर पोर्टल पर ऑनलाइन नहीं चढ़ाया गया था, इसलिए औसतन (एवरेज) बिल भेजा गया है।
इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए शिक्षा मंत्री ने बिजली निगम के संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) के खिलाफ तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस पूरे मामले में शिकायतकर्ता की कोई गलती नहीं है, इसलिए उपभोक्ता यह राशि जमा नहीं कराएगा।
कब्जे और गबन के मामलों पर बनीं उच्च स्तरीय कमेटियां
बैठक में बीज मार्केट के बलराज सिंह ने शिकायत दर्ज कराई कि अहमदपुर गांव में उनकी कृषि भूमि की सिंचाई के लिए बने पानी के खाल (नाली) पर किसी व्यक्ति ने अवैध कब्जा कर उसे बंद कर दिया है। शिक्षा मंत्री ने इस पर उपायुक्त नेहा सिंह की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी का गठन किया और अगली बैठक से पहले मौका मुआयना कर रिपोर्ट सौंपने को कहा।
इसके अलावा, गांव कुराड़ की दर्शनी देवी द्वारा एक स्कूल प्रबंधन पर लगाए गए गबन के आरोपों की जांच के लिए अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) की अगुवाई में कमेटी बनाई गई, जिसमें ग्रीवेंस कमेटी के सदस्यों को भी शामिल किया गया है। वहीं, गांव जांटी कलां निवासी शकुंतला की पैतृक संपत्ति हड़पने की शिकायत पर निष्पक्ष जांच के लिए एसडीएम (एसडीएम) सोनीपत की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई।
पेयजल और अन्य समस्याओं पर त्वरित एक्शन
गांव रायपुर के रणजीत सिंह को नगर निगम से एनओसी मिलने में आ रही बाधा को दूर करने की जिम्मेदारी एडीसी को सौंपी गई।
गढ़ी ब्राह्मणान निवासी गौरव की एक निजी अस्पताल के खिलाफ शिकायत पर शिक्षा मंत्री ने पुलिस आयुक्त को किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से जांच कराने के निर्देश दिए।
निजामपुर माजरा गांव में पीने के पानी की समस्या पर पब्लिक हेल्थ के एक्सईएन ने बताया कि आधे से अधिक गांव में पाइपलाइन बिछ चुकी है और शेष काम एक महीने में शुरू हो जाएगा।
इस पर मंत्री ने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर हर घर तक पानी पहुंचाने की हिदायत दी।
इसके साथ ही, शामलात जमीन पर अवैध कब्जे, घरेलू हिंसा और धार्मिक स्थलों पर बाहरी तत्वों द्वारा शांति भंग करने की कोशिशों पर पुलिस गश्त बढ़ाने के कड़े निर्देश दिए गए।
यह रहे मौजूद
बैठक में सोनीपत के विधायक निखिल मदान, गन्नौर के विधायक देवेंद्र कादियान, बरोदा के विधायक इंदुराज नरवाल, मेयर राजीव जैन, पुलिस आयुक्त ममता सिंह और उपायुक्त नेहा सिंह सहित जिले के आला अधिकारी मौजूद रहे।