राजस्थान के बारां जिले के बरडिय़ा क्षेत्र में एक बछड़े की मौत के बाद शहर में तनाव का माहौल बन गया है। शुक्रवार शाम को हिंदूवादी संगठनों ने प्रताप चौक पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की और इस घटना को अमानवीय करार देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर मामले में ठोस और सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो बारां बंद कराया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, श्रीवासुदेव गोसेवा समिति के अध्यक्ष गौरव शर्मा ने बताया कि शुक्रवार दिन में बरडिय़ा क्षेत्र में एक बछड़े के घायल होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही गोसेवा समिति के सदस्य मौके पर पहुंचे, लेकिन इलाज से पहले ही बछड़े की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। समिति और हिंदूवादी संगठनों का आरोप है कि बछड़े को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया गया, जिसकी निष्पक्ष जांच और दोषियों को कठोर सजा दी जानी चाहिए। शुक्रवार शाम को हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता प्रताप चौक पर एकत्रित हुए और जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने मानव श्रृंखला बनाकर विरोध जताया और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस उपाधीक्षक हरिराम सोनी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से समझाइश की। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। घटना को लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) राजेश चौधरी ने बताया कि बछड़े का पोस्टमार्टम चिकित्सकों की टीम से देर शाम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस मामले में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके। इस घटना के बाद शनिवार को बारां शहर में विरोध स्वरूप पूर्ण बंद का आह्वान किया गया, जिसका व्यापक असर देखा गया। बाजार बंद रहे और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई और पुलिस दल लगातार गश्त करते रहे।
एएसपी राजेश चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “एक बछड़े की मौत के बाद बारां में पूर्ण बंद का पालन किया जा रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं और पुलिस दल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त कर रहे हैं। हमने बंद का आह्वान करने वालों से सहयोग करने और शांति बनाए रखने का अनुरोध किया है।” उन्होंने आमजन से भी अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध सूचना की पुष्टि प्रशासन से करें।
उधर, हिंदूवादी संगठनों का कहना है कि यह केवल एक बछड़े की मौत का मामला नहीं है, बल्कि पशुओं के साथ हो रहे कथित अत्याचार का गंभीर विषय है। संगठनों ने प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल पुलिस प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि शांति व्यवस्था भंग करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।