पेपर लीक की अफवाहों पर यूपी बोर्ड का ‘डिजिटल वार’!

UP Board Exam : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 को लेकर फैल रही भ्रामक खबरों पर सख्त रुख अपनाया है. बोर्ड ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए कहा है कि परीक्षा से जुड़ी झूठी सूचनाएं प्रसारित करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. विशेष रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और यूट्यूब चैनलों पर प्रश्नपत्र वायरल होने जैसी फर्जी खबरें फैलाने वाले तत्वों को चिन्हित कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.

जानें पूरा मामला ?
खबर के मुताबिक, बोर्ड ने आईजी लॉ एंड ऑर्डर, पुलिस मुख्यालय को पत्र भेजकर रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई का अनुरोध किया है. साथ ही पुलिस कमिश्नर प्रयागराज को निर्देशित किया गया है कि प्रश्नपत्र लीक जैसी झूठी खबरें फैलाने वाले यूट्यूब चैनलों के खिलाफ संगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई सुनिश्चित करें. पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि परीक्षाओं की शुचिता भंग करने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.

एसटीएफ और साइबर सेल की निगरानी
बता दे कि परीक्षा अवधि के दौरान एसटीएफ, सोशल मीडिया सेल और साइबर क्राइम टीमें लगातार ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रख रही हैं. जिन चैनलों या अकाउंट्स द्वारा छात्रों और अभिभावकों में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है, उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है. साथ ही ऐसे भ्रामक कंटेंट का तत्काल खंडन कराने के भी निर्देश दिए गए हैं.

24 फरवरी को छठवें दिन की परीक्षा
आज यानी मंगलवार 24 फरवरी को परीक्षा के छठवें दिन भी दोनों पालियों में परीक्षा आयोजित होगी. पहली पाली में हाईस्कूल एनसीसी तथा इंटरमीडिएट शस्य विज्ञान (व्यावसायिक), कृषि वनस्पति विज्ञान द्वितीय प्रश्नपत्र (कृषि भाग-1) और कृषि अर्थशास्त्र सप्तम प्रश्नपत्र (कृषि भाग-2) की परीक्षा प्रदेश के 915 केंद्रों पर होगी. इस पाली में हाईस्कूल के 237 और इंटरमीडिएट के 22,515 सहित कुल 22,752 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं. दूसरी पाली में हाईस्कूल मनोविज्ञान और इंटरमीडिएट अर्थशास्त्र विषय की परीक्षा 6102 केंद्रों पर कराई जाएगी. इसमें हाईस्कूल के 92 और इंटरमीडिएट के 2,38,676 सहित कुल 2,38,768 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं.

नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम
नकल और अफवाहों पर रोक लगाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं.परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और उड़नदस्तों की तैनाती की गई है. बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और किसी भी भ्रामक खबर की सूचना तत्काल प्रशासन को दें.