बिहार कांग्रेस के इस नेता ने एआई समिट में किया था प्रोटेस्ट, भारत मंडपम केस में हुआ गिरफ्तार, जानिए आरोप

पटना. नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 20 फरवरी 2026 को आयोजित भारत एआई इम्पैक्ट समिट (India AI Impact Summit) के दौरान उस समय हंगामा हो गया जब भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शर्टलेस होकर विरोध प्रदर्शन किया . कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और भारत अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ नारे लगाए. कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी के कारण मामला तुरंत संवेदनशील हो गया था. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार किया है. अब तक कुल 8 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. शुरुआती गिरफ्तारियों में बिहार के कुंदन यादव, कृष्णा हरि, उत्तर प्रदेश के अजय कुमार और तेलंगाना के नरसिम्हा यादव शामिल बताए गए हैं. कुंदन यादव बिहार युवा कांग्रेस के राज्य सचिव हैं और पार्टी में उभरते चेहरे के रूप में देखे जाते हैं.

कोर्ट से जमानत याचिका खारिज
बता दें कि मामले की सुनवाई पटियाला हाउस कोर्ट में हुई . 21 और 22 फरवरी 2026 को कोर्ट ने आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी और उन्हें 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया. दिल्ली पुलिस का कहना है कि मामले में साजिश और सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने के एंगल की जांच की जा रही है. पुलिस ने दावा किया है कि कुछ आरोपियों की गाड़ी से प्रधानमंत्री की तस्वीर वाली टी शर्ट भी बरामद हुई है. साथ ही जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या प्रदर्शन किसी अंतरराष्ट्रीय विरोध पैटर्न से प्रेरित था. वहीं बिहार के कुंदन यादव के बारे में जो जानकारी सामने आई है इसके अनुसार वह बिहार युवा कांग्रेस के राज्य सचिव हैं और उनको पार्टी के भीतर एक सक्रिय और जुझारू युवा नेता के रूप में देखा जाता है.

बिहार में सियासी हलचल
बता दें कि कुंदन यादव भी दिल्ली के भारत मंडपम में 20 फरवरी को आयोजित भारत मंडपम में हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल थे और वह पुलिस गिरफ्त में हैं. कुंदन यादव की गिरफ्तारी के बाद बिहार में राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई. बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने 23 फरवरी 2026 को वैशाली स्थित उनके घर जाकर परिवार से मुलाकात की और समर्थन जताया. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कुंदन यादव शांतिपूर्ण विरोध में शामिल थे और उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है. वहीं दिल्ली पुलिस का दावा है कि अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान इस तरह का प्रदर्शन देश की छवि को प्रभावित कर सकता था. बता दें कि कुंदन यादव भी दिल्ली के भारत मंडपम में 20 फरवरी को आयोजित भारत मंडपम में हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल थे.

बता दें कि AI समिट के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शर्टलेस होकर केंद्र सरकार और भारत अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ नारे लगाए. प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने इसे सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने वाला कृत्य बताया. मौके से जिन नेताओं को हिरासत में लिया गया, उनमें कुंदन यादव भी शामिल थे. इस मामले में भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब समेत कुल 8 लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि हुई है.

मामले की सुनवाई पटियाला हाउस कोर्ट में हुई. अदालत ने 21 और 22 फरवरी 2026 को कुंदन यादव सहित अन्य आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी और उन्हें 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया. पुलिस का कहना है कि यह केवल अचानक हुआ प्रदर्शन नहीं था, बल्कि इसकी योजना पहले से बनाई गई थी. जांच में साजिश और अंतरराष्ट्रीय विरोध पैटर्न से प्रेरणा के एंगल की भी पड़ताल की जा रही है.

कुंदन यादव की बढ़ीं कानूनी मुश्किलें
फिलहाल कुंदन यादव पुलिस कस्टडी में हैं और मामले की जांच जारी है. कोर्ट की अगली सुनवाई और पुलिस रिपोर्ट पर आगे की कानूनी दिशा तय होगी. बहरहाल, इस मामले में बिहार के एक युवा नेता की गिरफ्तारी ने इस पूरे मामले को नया कोण दे दिया है. कांग्रेस नेताओं ने कार्रवाई को दमनकारी बताया है. बहरहाल, आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि जांच किस निष्कर्ष पर पहुंचती है और अदालत का रुख क्या रहता है.