मुजफ्फरनगर. शहर के सौंदर्यीकरण और व्यवस्थित विकास की दिशा में मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने फसाड नियंत्रण योजना को आगे बढ़ते हुए अब आउटर क्षेत्र की सड़क को चुना है। प्रकाश चौक से महावीर चौक और महावीर चौक से मीनाक्षी चौक तक फसाड नियंत्रण योजना लागू करने में व्यापारियों की असहमति के कारण आ रही बाधा को समाप्त कर नया विकल्प प्राधिकरण ने निकाला है। फसाड़ नियंत्रण योजना में अब वहलना चौक से सूजडू चुंगी के बीच के प्रतिष्ठाानों को शामिल किया गया है, जिसका ले-आउट भी तैयार किया गया है। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण ने रणनीति में बदलाव करते हुए शहर के बाहरी हिस्से में वहलना चौक से सूजड़ चुंगी तक के क्षेत्र को फसाड योजना में शामिल किया है।
इस क्षेत्र में नए व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और खुली जगहों के कारण योजना के क्रियान्वयन की संभावना अधिक बन गई है। एमडीए अधिकारियों का मानना है कि इस हिस्से में व्यापारियों और स्थानीय लोगों से सकारात्मक सहयोग मिल सकता है, जिसके सौंदर्यकरण के लिए एमडीए के इंजीनियरों से लेआउट भी तैयार कर लिया है। फसाड योजना का उद्देश्य शहर के प्रमुख मार्गों पर बने व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के सामने के हिस्से (फसाड) को एक समान और आकर्षक स्वरूप देना है, ताकि शहर की छवि आधुनिक, स्वच्छ और सुनियोजित नज़र आए। यह न सिर्फ शहर की सुंदरता बढ़ाएगा, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा।
विकास प्राधिकरण की शहर के अंदर की दो योजनाएं पर पानी फिरने के बाद वहलना चौक से सुजडू के बीच करीब एक किलोमीटर को क्षेत्र फसाड योजना में शामिल किया है। इस क्षेत्र में फैक्ट्ररियों सहित प्रतिष्ठान शामिल है। इसी रास्ते पर आईटीआई कालेज के साथ एमडीए कार्यालय है। फसाड योजना का रंग इस सड़क पर चढ़ने के बाद कचरा फैलने से होने वाली गंदगी से भी निजात मिलेगी।