जम्मू-कश्मीर में मौसम का क्रोध, भारी बारिश के बाद दरके पहाड़, काल के गाल में समा गए 10 लोग

Poonch Landslide: पुंछ जिले में भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. प्रारंभिक स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, सबसे अधिक नुकसान सुरनकोट में हुआ है जहां एक ही परिवार के 6 सदस्यों सहित 9 लोगों की जान चली गई, जबकि हवेली में 1 व्यक्ति की मौत हुई है. आपदा के कारण हवेली में कम से कम 7 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और मंडी इलाके से भी संपत्ति के बड़े नुकसान की खबरें सामने आई हैं.

मलबे में अभी भी दर्जनों लोगों के दबे होने की आशंका है, जिसके चलते प्रभावित इलाकों में युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है. प्रशासन ने चेतावनी जारी की है कि जैसे-जैसे दूरदराज के क्षेत्रों से मलबे को हटाने और नए विवरण सामने आने का सिलसिला बढ़ेगा, मृतकों का आंकड़ा और भी ज्यादा बढ़ सकता है.

जम्मू-कश्मीर के सीएम ने क्या कहा?

सूबे के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू संभाग में बिगड़ते हालात को देखते हुए दिल्ली में राज्य का दर्जा बहाल करने के विरोध प्रदर्शन के अपने कार्यक्रम को बीच में ही छोड़ दिया है और वे स्थिति की समीक्षा के लिए दोपहर को जम्मू लौट रहे हैं. उन्होंने लिखा, “मौसम विभाग की चेतावनी और जम्मू डिवीजन के कुछ हिस्सों में बनी गंभीर स्थिति को देखते हुए, मैं आज दोपहर दिल्ली से जम्मू के लिए उड़ान भरूंगा ताकि हालात का खुद जायजा ले सकूं. राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर होने वाला विरोध प्रदर्शन योजना के अनुसार @JKNC_ के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व में ही होगा.”

इसके साथ ही उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी प्रभावित जिलों में बाढ़ की स्थिति की उच्च स्तरीय समीक्षा की है और संबंधित अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत सामग्री और हर संभव सहायता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं.

उफान पर पुलस्त्य नदी
भारी बारिश के कारण नगर क्षेत्र से गुजरने वाली पुलस्त्य नदी उफान पर आ गई है, जिसके तेज बहाव में नदी किनारे स्थित दो दुकानें, एक आटा चक्की और एक वाहन सर्विस स्टेशन बह गए हैं. इतना ही नहीं, सर्विस स्टेशन पर खड़े कई वाहन भी बाढ़ की चपेट में आकर पानी में बह गए हैं, जिससे स्थानीय व्यापारियों को भारी नुकसान पहुंचा है. इस प्राकृतिक आपदा के कारण जिले में अलग-अलग हादसों में जान-माल का भी बड़ा नुकसान हुआ है.

सुरनकोट तहसील के संगलेयानी गांव में भारी बारिश के चलते एक मकान अचानक ढह गया, जिसके मलबे में दबकर एक 18 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि मकान में फंसे आठ अन्य लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया. वहीं, नूना बांडी गांव में भी एक अन्य मकान गिरने से एक महिला की जान चली गई और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

पुंछ के अलावा अन्य शहर भी प्रभावित
पुंछ, सुरनकोट, मेंढर और मंडी सहित कई मुख्य सड़क मार्ग पूरी तरह बंद हो गए हैं और प्रभावित क्षेत्रों का संपर्क कट गया है. पुंछ में मलबे को हटाने, सड़कें खोलने और प्रभावित परिवारों तक तुरंत मदद पहुंचाने के लिए प्रशासन और राहत एजेंसियां युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं, लेकिन लगातार खराब हो रहे मौसम के कारण बचाव कार्य में काफी चुनौतियां आ रही हैं.