भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की परीक्षाओं में लापरवाही का बड़ा उदाहरण सामने आया है। मंडल (बोर्ड) ने 12वीं की भौतिक विज्ञान की परीक्षा में क्वालिटी फैक्टर पर सवाल पूछे, जबकि यह पाठ्यक्रम में शामिल ही नहीं था। मूल्यांकन के दौरान गलती सामने आने पर पर बोर्ड ने परीक्षार्थियों को बोनस अंक देने का निर्णय किया है। केवल 12वीं ही नहीं, 10वीं की परीक्षा भी में ऐसा हुआ है। परीक्षा में केवल पाठ्यक्रम से बाहर ही नहीं, गलत और भ्रामक प्रश्न भी पूछे गए हैं। इन सबके लिए बोनस अंक देने के निर्देश जारी हुए हैं।
बोर्ड ने मानी गलती
माशिमं ने स्वीकार किया है कि 12वीं के भौतिकी विषय के प्रश्नपत्र में एक प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर का पूछा गया, जबकि एक अन्य प्रश्न त्रुटिपूर्ण है। इसमें सभी विद्यार्थियों को दो बोनस अंक देने का निर्णय लिया गया है। सेट-ए में प्रश्न क्रमांक एक का भाग-ए त्रुटिपूर्ण पूछा गया। जिसके लिए सभी विद्यार्थियों को एक अंक बोनस दिया जाएगा। वहीं प्रश्न क्रमांक पांच का भाग-ए सिलेबस से बाहर का था। सत्य व असत्य वाले सवाल का पाठ ही हटा दिया गया है, फिर भी उससे जुड़ा सवाल पूछ लिया गया। इस प्रकार सभी सेट के विद्यार्थियों को कुल दो बोनस अंक दिए जाएंगे।
इन प्रश्नपत्रों में भी त्रुटि
वहीं 12वीं के बुक कीपिंग एंड अकाउंटेंसी में दो बहुविकल्पीय प्रश्न के विकल्प में अकाउंटेंसी में दो सवाल, 12वीं के अंग्रेजी के सेट ए का प्रश्न क्रमांक 7(6), सेट बी प्रश्न क्रमांक 6(6), सेट सी में प्रश्न क्रमांक 7 (6) और सेट डी प्रश्न क्रमांक 6(6) में शब्द में त्रुटि होने के कारण हल करने के प्रयास करने वाले विद्यार्थियों को एक अंक बोनस दिए जाएंगे।
प्रश्नपत्र बनाने और जांच के तीन स्तर
माशिमं की बोर्ड परीक्षा में 10वीं व 12वीं के प्रश्नपत्र के कई सेट बनते है। यह भी तीन स्तर पर बनते और जांचे जाते हैं। ये स्तर हैं- पेपर सेटर, मॉडरेटर व प्रश्न पत्र विश्लेषक। पेपर सेटर द्वारा प्रश्न पत्र बनाया जाता है। इसमें कोई गलती नहीं हो यह सुनिश्चित करने के लिए मॉडरेटर इसकी जांच करता है। इसके बाद प्रश्न पत्र विश्लेषक द्वारा भी जांचा जाता है। इसके बावजूद प्रश्न पत्रों में इतनी गलतियां निकलना हर स्तर पर लापरवाही को पुष्ट करता है।
अप्रैल/मई में आएगा परिणाम
बोर्ड परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन के अंक इस बार ऑनलाइन भेजे जा रहे हैं। इससे बोर्ड को रिजल्ट बनाने में समय नहीं लगेगा। साथ ही इस बार परीक्षा जल्द शुरू होने से मूल्यांकन भी जल्द शुरू हो गया है। बोर्ड द्वारा अप्रैल के अंतिम सप्ताह या मई के प्रथम सप्ताह में परिणाम घोषित करने की तैयारी की जा रही है।
18 हजार शिक्षक जांच रहे 90 लाख उत्तरपुस्तिकाएं
इस बार मूल्यांकन कार्य चार चरणों में हो रहा है। 22 फरवरी से पहला, एक मार्च से दूसरा चरण शुरू हुआ था। तीसरा चरण 11 मार्च से और चौथा 23 मार्च से है। 18 हजार शिक्षक करीब 16 लाख विद्यार्थियों की 90 लाख कॉपियों के मूल्यांकन में लगे हैं।
सभी प्रश्नपत्रों के आदर्श उत्तर जारी कर दिए गए हैं। उसके अनुसार मूल्यांकन किया जा रहा है। 12वीं के भौतिकी में दो अंक बोनस दिए जाएंगे। कुछ प्रश्नपत्रों में बहुविकल्पीय उत्तर में गड़बड़ी होने पर जिन विद्यार्थियों ने हल करने का प्रयास किया है, उन्हें अंक दिए जाएंगे।