लखनऊ. राजधानी लखनऊ के चिनहट इलाके में 10 जून को एक किसान और उसके साथी को अगवा कर पांच लाख की लूट का खुलासा पुलिस ने कर दिया है. इस लूट की वारदात को सीआरपीएफ के दरोगा, यूपी पुलिस का एक सिपाही और उसके अन्य साथियों ने मिलकर अंजाम दिया था. पुलिस ने वारदात में शामिल चिनहट पुलिस के एक सिपाही पूरन सिंह समेत चार आरोपी को गिरफ्तार किया है. गोरखपुर का जावेद हुसैन, आसिफ और संत कबीर नगर का प्रवेश त्रिपाठी गिरफ्तार हुआ है. घटना में इस्तेमाल दो कार और सवा लाख रुपए बरामद किए हैं.
बता दें कि उन्नाव के एक किसान दिवाकर सिंह और उसके मित्र को अगवा कर यह लूट की वारदात हुई थी. एक कंपनी में निवेश पर भारी मुनाफे का झांसा देकर किसान को कमता चौराहे पर बुलाया गया था. 10 जून को दिवाकर सिंह अपने मित्र अनूप शुक्ला के साथ कमता पहुंचे थे. आरोप है कि सीआरपीएफ दरोगा जयप्रकाश यादव ने दिवाकर और अनूप को बोलेरो में बैठाकर अगवा कर लिया. कुछ दूर jजाने के बाद पिस्टल दिखाकर दिवाकर से 5 लाख रुपए लूट लिए. पीड़ित ने सीआरपीएफ दरोगा जयप्रकाश यादव उसके साथी आनंद दुबे और चार अज्ञात पर एफआईआर दर्ज कराई थी.
सिपाही की भूमिका भी पाई गई
जांच के दौरान चिनहट पुलिस के एक सिपाही पूरन की भूमिका भी वारदात में पाई गई. चिनहट पुलिस में सिपाही पूरन समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। सीआरपीएफ के दरोगा जयप्रकाश यादव और उसके साथी आनंद दुबे की तलाश में पुलिस जुटी है. आरोपी दरोगा जयप्रकाश यादव सीआरपीएफ बिजनौर कैंप में तैनात बताया जा रहा है.
जयप्रकाश यादव फरार
डीसीपी ईस्ट डॉ दीक्षा शर्मा ने बताया कि दिवाकर सिंह खेती करते हैं, जबकि उनके दोस्त अनूप शुक्ला प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं. कुछ समय पहले अनूप की जान-पहचान आरोपी जयप्रकाश यादव से हुई थी, जो सीआरपीएफ कैंप बिजनौर में रहता है.
दोनों ने दिवाकर सिंह को एक कंपनी में निवेश का झांसा देकर लखनऊ बुलाया था. कामता चौराहे से बोलेरो में बैठाकर अगवा कर लिया. इसके बाद पिस्तौल दिखाकर उनसे पांच लाख रुपए लूट लिए. इस मामले में पुलिस ने यूपी पुलिस सिपाही समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपी दरोगा जयप्रकाश यादव की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है.