IMD Weather Alert 11 September 2025: पिछले महीने कहर बरपाने के बाद मॉनसून अब धीरे-धीरे सुस्त पड़ने लगा है. आकाश में बादल तो हैं लेकिन बारिश नदारद है. इसकी वजह से उमस भरी गर्मी लोगों के पसीने छुड़ा रही है. गुरुवार को भी इस उमस से राहत मिलने की संभावना नहीं है. कहीं छिटपुट बारिश हो सकती है लेकिन कोई गंभीर मौसम चेतावनी (रेड या ऑरेंज अलर्ट) नहीं है.
हिमाचल-उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर भारी बारिश
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में 11 सितंबर को हल्की से मध्यम स्तर की बारिश की संभावना है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. पंजाब में हाल की बाढ़ के बाद स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन निचले इलाकों में सतर्कता बरकरार है. जम्मू, कठुआ, रियासी, और डोडा जैसे क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद है. भूस्खलन की वजह से सड़क मार्ग प्रभावित हो सकते हैं.
मुंबई के आसपास छाए रहेंगे आंशिक बादल
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. वहीं राजस्थान में भारी बारिश की संभावना कम हो रही है, लेकिन कुछ इलाकों में हल्की बारिश के आसार हैं. महाराष्ट्र में मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में आंशिक बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश लोगों को भिगो सकती है. अधिकतम तापमान 27°C से 36°C के बीच रहने के आसार हैं.
सिक्किम में 13 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट
पूर्वी भारत की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, असम और मेघालय में 12-16 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. IMD ने इन राज्यों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है. पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार में भारी बारिश की संभावना है. हिमालय से सटे पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 13 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट है.
दिल्ली-एनसीआर में उमस निकालेगी पसीने
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार को मौसम सामान्य रूप से आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे. इस दौरान कुछेक इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है. उमस भरी गर्मी के बावजूद दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में तापमान 27°C से 34°C के बीच रहने की उम्मीद है. इस दौरान हवा में नमी का स्तर ज्यादा रहेगा, जिससे लोगों के पसीने ज्यादा निकलेंगे.
यमुना के जलस्तर में कमी आने की उम्मीद
दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर अब भी खतरे के निशान (205.33 मीटर) के ऊपर रहा है. हालांकि 11 सितंबर को वह 207.44 मीटर के आसपास स्थिर हो सकता है. नदी में पानी कम होने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा कम हुआ है, लेकिन सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.