संभावित भीषण गर्मी और लू से निपटने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सोमवार को स्वास्थ्य, पीएचईडी, परिवहन, ऊर्जा, शिक्षा और नगर विकास सहित दस विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर सभी विभागों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया।
बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डा. चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि अप्रैल के मध्य से मई-जून तक राज्य में हीटवेव की स्थिति बन सकती है। इसे देखते हुए सभी विभागों को पहले से तय मानक संचालन नियमावली (एसओपी) के अनुसार तैयारी शुरू करने को कहा गया है।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि बस स्टैंड, बाजार, चौराहों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ की व्यवस्था की जाए। जरूरत पडऩे पर टैंकरों से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और पेयजल पाइपलाइनों की समय पर मरम्मत की जाए।
अस्पतालों में विशेष तैयारी के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग को सभी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ओआरएस की पर्याप्त व्यवस्था रखने और लू से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए विशेष तैयारी करने को कहा गया है। स्कूलों में बच्चों को गर्मी से बचाव के तरीके बताने और ओआरएस उपलब्ध रखने का भी निर्देश दिया गया है। वहीं खुले में काम करने वाले मजदूरों और निर्माण स्थलों पर कामगारों के लिए पेयजल, छाया और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था करने को कहा गया है।
24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति
इसके अलावा गर्मियों में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, ढीले बिजली तारों की मरम्मत कराने और बस स्टैंडों पर हैंडपंप ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं। मनरेगा कार्यस्थलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी पेयजल और छाया की व्यवस्था करने को कहा गया है।
मुख्य सचिव ने पशु-पक्षियों के लिए भी पानी की व्यवस्था करने और जलस्तर की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भीषण गर्मी के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।