मुजफ्फरनगर: यूपी के मुजफ्फरनगर में सोमवार देर रात वाहन चेकिंग के दौरान चार हथियार तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध असलहा, कारतूस और एक कार बरामद की है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पंचायत चुनाव में हथियारों की भारी डिमांड के चलते अवैध हथियारों की सप्लाई करते थे।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि सूचना मिली थी कि कुछ लोग मेरठ से अवैध हथियार लेकर मुजफ्फरनगर आ रहे हैं। शाहपुर थाना पुलिस ने पलड़ी नहर पुलिया के पास देर रात वाहन चेकिंग अभियान शुरू किया। इसी दौरान एक स्विफ्ट कार को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन कार सवारों ने खुद को घिरता देख भागने की कोशिश की।
7 पिस्टल और 3 तमंचे बरामद
पुलिस ने घेराबंदी की और मौके से चार आरोपियों आकिल, फरहान, मोहम्मद तालिब और शाहरुख को दबोच लिया। पकड़े गए चारों मेरठ के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से 7 पिस्टल (32 बोर), 3 तमंचे (315 बोर), कई जिंदा कारतूस और एक स्विफ्ट कार बरामद की है।
मुरैना की अवैध पिस्टल की पश्चिमी यूपी में होती है सप्लाई
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि पंचायत चुनाव के समय अवैध हथियारों की मांग बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर वे विभिन्न जिलों में हथियारों की सप्लाई करते थे। यह गिरोह मुजफ्फरनगर, मेरठ, सहारनपुर, शामली, गाजियाबाद और नोएडा समेत कई जिलों में सक्रिय था। आरोपी मध्य प्रदेश के मुरैना समेत कुछ अन्य स्थानों से अवैध पिस्टल खरीदकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ऊंचे दामों पर बेचते थे।
तस्करी से कमा रहे थे मोटा मुनाफा
पुलिस के मुताबिक, ये लोग एक पिस्टल लगभग 40 से 50 हजार रुपये में खरीदते थे और उसे 20 से 30 हजार रुपये के मुनाफे के साथ बेच देते थे। वहीं, तमंचे 4 से 5 हजार रुपये में खरीदकर 8 से 10 हजार रुपये तक में बेचे जाते थे। इस तरह यह गिरोह लंबे समय से अवैध हथियारों की तस्करी कर मोटा मुनाफा कमा रहा था।
छह महीनों में 775 आरोपी 400 हथियारों संग पकड़े गए
एसएसपी ने यह भी बताया कि पिछले छह महीनों में मुजफ्फरनगर पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए 475 मुकदमे दर्ज किए हैं और 775 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान करीब 400 अवैध हथियार, हजारों कारतूस और दो अवैध गन फैक्ट्री भी पकड़ी गई हैं।