जयपुर: राजस्थान में LPG घरेलू गैस सिलेंडरों की डिलीवरी में देरी और ब्लैक मार्केटिंग को लेकर लगातार खबर मिल रही है। एलपीजी की किल्लत को लेकर भी चर्चा बनी हुई हैं। इस परेशानियों और शिकायतों के बीच राजस्थान में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। इसी क्रम में मंत्री गोदारा 16 मार्च को अचानक शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) के कॉल सेंटर पहुंचे और लोगों की समस्या जानी।
उपभोक्ताओं से सीधे जानी समस्याएं
राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) के कॉल सेंटर पर इस दौरान मंत्री ने अधिकारियों से औपचारिक जानकारी लेने के बजाय खुद ऑपरेटर की सीट संभाली । उन्होंने कागज-कलम लेकर विभिन्न जिलों के उपभोक्ताओं की समस्या जानी।
सामने आई ये मुख्य परेशानियां
मिली जानकारी के अनुसार फोन कॉल्स के दौरान उपभोक्ताओं ने दो प्रमुख समस्याएं सामने रखी।
1. पहली, गैस सिलेंडर बुकिंग के बाद 3-4 दिन तक डिलीवरी नहीं हो रही है।
2. दूसरी, बिना ओटीपी (OTP) के ही सिलेंडर डिलीवरी की कोशिश की जा रही है।
3. पैनिक होने से सिचुएशन बदली हैं, इससे जमाखोरी भी बढ़ रही है।
अगले 15 दिन में होगी स्थिति में सुधार
मंत्री गोदारा ने संबंधित अधिकारियों को इन शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए है। उनका कहना है कि बिना ओटीपी के सिलेंडर दिए जा रहे है, यह नियमों का उल्लंघन है। मंत्री ने ऐसी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई और लाइसेंस निरस्त करने के आदेश दिए हैं। मंत्री का कहना है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जानी डिस्ट्रीब्यूटर्स का क्या है कहना
इस पूरे मामले पर डिस्ट्रीब्यूटर्स का कहना है कि आगामी दिनों में भी नए जहाज आने से आपूर्ति की समस्या हल होगी। उनका यह भी कहना है कि अचानक से बनी पैनिक सिचुएशन के चलते लोगों ने एलपीजी सिलेंडर बुकिंग तेज कर दी। लेकिन धीरे-धीरे अब इसमें सुधार हो रहा है। अगले 15 दिनों में एलपीजी सिलेंडर शॉर्टेज में पूरी तरह सुधार आने की संभावना है। डिस्ट्रीब्यूटर से मिली जानकारी के अनुसार अभी मांग के अनुसार 15 से 20% परसेंट तक की शॉर्टेज हो रही है। लेकिन लोगों को पैनिक होने की जरूरत नहीं है, 15 दिनों के भीतर पूरी राहत मिलेगी।
मंत्री के बाद अब अधिकारियों की लगेगी ड्यूटी
मंत्री गोदारा के कॉल सेंटर में जन समस्या सुनने की इस पहल के बाद अब केवल कॉल सेंटर कर्मचारी ही नहीं, बल्कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी नियमित रूप से 181 हेल्पलाइन पर बैठेंगे। वे रैंडम कॉल करके शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता की जांच करेंगे, ताकि आम जनता को समय पर और पारदर्शी सेवाएं मिल सकें।