पटना। बिहार की आम जनता के लिए राहत भरी खबर है। राज्य में बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। उपभोक्ताओं को मौजूदा दरों पर ही बिजली मिलती रहेगी।
बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी की याचिका पर सुनवाई के बाद दर वृद्धि के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।
मौजूदा दर के अनुसार ही राज्य के उपभोक्ताओं को मिलती रहेगी बिजली
बिजली कंपनियों ने सभी श्रेणियों में 35 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि का प्रस्ताव दिया था, जिसे आयोग ने अस्वीकार कर दिया।
हालांकि, आयोग ने उपभोक्ताओं को राहत देते हुए शहरी घरेलू, ग्रामीण तथा शहरी गैर-घरेलू (व्यवसायिक) श्रेणियों में दो स्लैब की जगह एक ही स्लैब लागू करने का निर्णय लिया है।
अब एक ही स्लैब से होगा सीधा लाभ
इस बदलाव के तहत न्यूनतम दर को ही लागू किया गया है, जिससे 100 यूनिट से अधिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं को अब सस्ती बिजली मिलेगी। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगी।
बुधवार को आयोग के अध्यक्ष आमिर सुबहानी तथा सदस्य अरुण कुमार सिन्हा और परशुराम सिंह यादव ने इस मामले में फैसला सुनाया।
आयोग के अनुसार, पहले 1 से 100 यूनिट और 100 यूनिट से अधिक खपत पर अलग-अलग दरें थीं। अब एक ही स्लैब लागू होने से उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। इसके तहत
शहरी घरेलू उपभोक्ताओं को 1.53 रुपये प्रति यूनिट तक राहत
ग्रामीण गैर-घरेलू उपभोक्ताओं को 0.42 रुपये प्रति यूनिट सस्ती बिजली
शहरी गैर-घरेलू उपभोक्ताओं को 1.20 रुपये प्रति यूनिट तक राहत मिलेगी
इस निर्णय से राज्य के 27 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को फायदा होगा।
35 पैसे प्रति यूनिट बढ़ाने का प्रस्ताव को किया खारिज
आयोग ने बताया कि बिजली कंपनियों ने नवंबर 2025 में दर बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था, जिस पर पटना, गया और बेगूसराय में जनसुनवाई की गई।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कंपनियों ने भारी राजस्व की मांग की थी, लेकिन सुनवाई के दौरान नॉर्थ बिहार कंपनी में 2.69 करोड़ और साउथ बिहार कंपनी में 1931.35 करोड़ रुपये का सरप्लस पाया गया। इसी आधार पर दर वृद्धि को खारिज कर दिया गया।
यह भी अहम फैसले
शहरी गैर-घरेलू कनेक्शन (0.5 किलोवाट) का शुल्क 200 से घटाकर 150 रुपये
छोटे उद्योग (श्रेणी-1) का फिक्स्ड चार्ज 288 से घटाकर 278 रुपये प्रति केवी
छोटे उद्योग (श्रेणी-2) का फिक्स्ड चार्ज 360 से घटाकर 350 रुपये प्रति केवी
मशरूम खेती को कृषि श्रेणी में शामिल किया गया
एचटी ऑक्सीजन निर्माण और एचटी औद्योगिक-2 श्रेणी का विलय
10 किलोवाट से अधिक लोड (कृषि को छोड़कर) पर दिन में सस्ती और शाम में महंगी बिजली
एक नजर में नई दरें (अनुदानरहित, रुपये प्रति यूनिट)
श्रेणी वर्तमान प्रस्तावित 1 अप्रैल 2026 से
कुटीर ज्योति 7.42 7.77 7.42
ग्रामीण घरेलू 7.42 7.77 7.42
शहरी घरेलू (सभी यूनिट) 7.42–8.95 7.77 7.42
ग्रामीण गैर-घरेलू 7.79–8.21 8.14 7.79
शहरी गैर-घरेलू 7.73–8.93 8.08 7.73
कृषि 6.74 7.09 6.74