चंडीगढ़। हरियाणा में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की हवा में जहर घोल रहे पुराने ट्रक-बसों को सरकार बाहर निकालेगी। इनमें 93 हजार 458 ट्रक और 16 हजार 329 बसें शामिल हैं। इन ट्रक-बसों के मालिकों को बीएस-3 श्रेणी तक के वाहन को अनिवार्य रूप से अधिकृत सेंटरों पर स्क्रैप कराना होगा। बीएस-4 वाहनों को स्क्रैप कराने की बजाय एनसीआर से बाहर अथवा दूसरे राज्यों में बेचने का विकल्प भी मिलेगा।
बदले में प्रदेश सरकार इन वाहन मालिकों को क्षतिपूर्ति के तौर पर नए बीएस-VI अथवा उससे कड़े उत्सर्जन मानकों वाले इलेक्ट्रिक और सीएनजी ट्रकों एवं बसों की खरीद पर पूरा मोटर वाहन कर माफ कर देगी। इसके अलावा वाहनों के पंजीकरण शुल्क में भी छूट दी जाएगी। परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. राजा शेखर वुंडरू ने इस संबंध में लिखित आदेश जारी कर दिया है।
हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड की सहायता योजना के तहत एनसीआर जिलों में पुराने ट्रकों एवं बसों (बीएस-4 अथवा उससे पूर्व उत्सर्जन मानकों वाले) के प्रतिस्थापन पर मोटर वाहन कर में छूट प्रदान करने को मंजूरी दी गई थी।
परिवहन सचिव द्वारा वीरवार को जारी आदेश के मुताबिक बीएस-6 अथवा उससे कड़े उत्सर्जन मानकों वाले, इलेक्ट्रिक तथा सीएनजी ट्रकों एवं बसों की खरीद पर मोटर वाहन कर में 50 प्रतिशत छूट प्रदान की जाएगी। मोटर वाहन कर में यह छूट 10 साल के लिए होगी।
एनसीआर में पंजीकृत होना चाहिए वाहन
नए वाहनों के साथ ही योजना में पुराने ट्रकों एवं बसों के साथ भाग लेने वाले लाभार्थियों को एक वर्ष से अधिक समय से लंबित देनदारियों में छूट प्रदान की जाएगी। योजना का लाभ उठाने के लिए पुराने वाहन का राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के भीतर आने वाले जिलों में पंजीकरण होना जरूरी है। नया वाहन बीएस-6 श्रेणी अथवा इलेक्ट्रिक या सीएनजी आधारित होना चाहिए। एनसीआर के जिलों में पंजीकृत कराए जाने वाले वाहनों पर ही वाहन कर और पंजीकरण शुल्क में छूट दी जाएगी।