एक उम्र के बाद नेचुरल महिलाओं को पीरियड्स बंद हो जाते हैं. पीरियड्स का उम्र से पहले बंद होना भी सेहत के लिए नुकसान दायक हो सकता है. दरअसल भारत में महिलाओं में मेनोपॉज दुनिया की बाकि महिलाओं के मुकाबले अधिक देखने को मिल रहा है. CIFAR गुरुग्राम IVF एक्सपर्ट और गायनोलॉजिस्ट डॉक्टर पुनीत राणा अरोड़ा के अनुसार विदेशों में मेनोपॉज की औसत उम्र 51 साल है, वहीं भारत में महिलाओं का मेनोपॉज 46 से 47 साल की उम्र में देखने को मिल रहा है. 3 से 4 साल पहले का मेनोपॉज सेहत को लेकर बड़ी चेतावनी है. आइए जानते हैं आखिरी भारतीय महिलाओं में समय से पहले मेनोपॉज क्यों हो रहा है. इसके पीछे की वजह क्या है.
क्या होता है मेनोपॉज
मेनोपॉज हर महिला के जीवन का खास हिस्सा होता है. जब पीरियड्स बंद हो जाते हैं तो महिला का प्रजनन भी बंद हो जाता है. अगर किसी महिला को जब लगातार एक साल या 12 महीने तक पीरियड्स नहीं आते है तो उसे मेनोपॉज माना जाता है. मेनेपॉज होने पर ओवरीज एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मेन बनाना कम हो जाते हैं.
भारत में प्रीमैच्योर मेनोपॉज
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के अनुसार 15 से 39 साल वर्ग की 2.2 प्रतिशत महिलाएं पहले ही मेनोपॉज में पहुंच जाती थी. 40 से 44 साल की उम्र की महिलाओं में ये आकंडे 16.2 प्रतिशत है. ये आंकड़े बेहद हैरानी वाली हैं. भारत में प्रीमैच्योर मेनोपॉज की समस्या ग्लोबल लेवल से कहीं ज्यादा है.
जल्दी मेनोपॉज की वजह
एक्सपर्ट के अनुसार जल्दी प्रीमैच्योर मेनोपॉज के पीछे का कारण लाइफस्टाइल और बायोलॉजिकल है.
स्ट्रेस और लाइफस्टाइल
ज्यादा तनाव, धूम्रपान और डायबिटीज या थायराइड बीमारी की वजह से मेनोपॉज पहले हो सकता है.
पोषण की कमी
किशोरावस्था में पोषण की कमी और खराब स्वास्थ्य स्थिति की वजह से भी मेनोपॉज जल्दी हो सकता है.
बार-बार मां बनना
कम उम्र में शादी, जल्दी गर्मधारण और बार-बार मां बनने की वजह से भी ओवरी में रिजर्व अंडों की संख्या पर असर पड़ता है. जिससे जल्दी मेनोपॉज हो सकता है.
पहले पीरियड्स का बंद होना क्यों है चिंताजनक
डॉक्टर के अनुसार एस्ट्रोजन हार्मोन केवल प्रजनन के लिए नहीं बल्कि हड्डियों को मजबूत और दिल की सेहत के लिए मददगार है. जल्दी मेनोपॉज होने पर महिला के शरीर में एस्ट्रोजन की कमी होती है.