अभी- अभी: मशहूर सिंगर आशा भोसले को लेकर आई बेहद बुरी खबर, सदमें में फैंस

मशहूर सिंगर आशा भोसले की अचानक तबीयत खराब होने के बाद उन्हें अस्पताल भर्ती किया गया है. खबर है कि उन्हें दिल और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों के इलाज के लिए भर्ती किया गया है. उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल के ICU में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है. ब्रीच कैंडी अस्पताल में डॉ. प्रतीत समदानी की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है. लेकिन उनकी हालत को लेकर अस्पताल या परिवार की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

आशा भोसले भारतीय संगीत जगत की एक दिग्गज हस्ती हैं, जिन्होंने अपने करियर में हजारों गाने गाए हैं और कई पीढ़ियों को अपनी आवाज का दीवाना बनाया है. उनके गाए हुए गीत आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं और उन्हें ‘एवरग्रीन सिंगर’ के रूप में जाना जाता है. इस खबर के सामने आने के बाद फैंस और फिल्म इंडस्ट्री के कई सितारे उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी उनके जल्द ठीक होने की कामना करते हुए कई पोस्ट सामने आ रहे हैं.

12,000 गाने का रिकॉर्ड
आशा भोसले का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया. आशा ने कुल मिलाकर करीब 12,000 गाने रिकॉर्ड किए हैं, जो किसी भी भारतीय कलाकार के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है.वे बॉलीवुड के साथ-साथ फिल्मी संगीत के कई अलग-अलग रूपों में माहिर हो गईं. गजल, कब्बाली, वेस्टर्न गाने, और पारंपरिक हिंदी गीतों में उन्होंने अपनी अलग जगह बनाई. यही वजह है कि वे इतने वर्षों तक इंडस्ट्री में सक्रिय और लोकप्रिय बनी रहीं.

आशा भोसले ने हिंदी के अलावा कई दूसरी भाषाओं जैसे मराठी, बंगाली, पंजाबी, कन्नड़, तमिल, तेलुगु, मलयालम, उर्दू, गुजराती और कई अन्य भाषाओं में भी गाने गाए हैं. उनकी इस बहुभाषीय प्रतिभा ने उन्हें हर क्षेत्र में कामयाबी दिलाई. उन्होंने हिट गानों की लिस्ट में ‘इन आंखों की मस्ती के मस्ताने हजारों हैं’, ‘पिया तू अब तो आजा’, ‘दम मारो दम’, ‘चुरा लिया है तुमने जो दिल को’, ‘झुमका गिरा रे’, ‘ये मेरा दिल’, ‘राधा कैसे ना जले’, ‘दिल चीज क्या है’, ‘आ जा आ जा मैं हूं प्यार तेरा’, ‘कहीं आग लगे लग जाए’, ‘रात अकेली है’, ‘ओ मेरे सोना रे’ समेत कई गाने हैं.

बदला बॉलीवुड संगीत का ट्रेंड
12,000 से ज्यादा गानों के साथ उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया, जो साबित करता है कि उन्होंने भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है. उनकी आवाज की खासियत यह थी कि वे हर गीत में अलग ही जादू बिखेर देती थीं. फिर चाहे बात “मुझे रंग दे,” “जरा सा झूम लूं मैं,” और “शहरी बाबू दिल ले गया” की हो, या फिर “रात का समां,” “ओ हसीना जुल्फों वाली,” और “शरारा” गाने की हो… उनके गाने कई बार फिल्म की सफलता की वजह भी बने. कई सारे हिट गाने उनके नाम हैं जो आज भी लोगों के दिलों को छू जाते हैं.

1979 में आशा भोसले ने फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्वगायक पुरस्कार जीता. कुल मिलाकर उन्हें इस पुरस्कार के लिए 18 बार नामांकित किया गया, जिसमें उन्होंने 7 बार जीत हासिल की. उनकी मेहनत और योगदान के लिए 2001 में उन्हें फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया. इसके अलावा, आशा को भारत सरकार ने पद्म विभूषण जैसे बड़े पुरस्कार से नवाजा है, जो देश के सबसे बड़े सम्मान में से एक है. उन्हें दादा साहब फाल्के पुरस्कार भी मिला, जो भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान है.