लखनऊ। राज्य का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 29 अप्रैल को हरदोई से इसका लोकार्पण करेंगे। 36,230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार छह लेन के इस एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के बाद 12 जिलों को सबसे ज्यादा लाभ होगा। वर्ष 2020 में इस परियोजना पर काम शुरु किया गया था। इसके लोकार्पण के बाद देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की 60 प्रतिशत की हिस्सेदारी हो जाएगी।
साथ ही भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों के लिए शाहजहांपुर के जलालाबाद के पास बनी हवाई पट्टी भी रणनीतिक तौर पर युद्ध होने पर वायु सेना के लिए मददगार साबित होगी। गंगा एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 594 किलोमीटर है, जो मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुडापुर दांदू गांव के पास समाप्त होगा। यह मार्ग पश्चिमी उत्तर प्रदेश को सीधे पूर्वी उत्तर प्रदेश से जोड़ते हुए प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करेगा। साथ ही 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से यात्रा को तेज, सुरक्षित व सुगम बनाएगा।
इस एक्सप्रेसवे से मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज को सीधा लाभ मिलेगा। इन जिलों के 519 गांव इस परियोजना से जुड़े हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। इस एक्सप्रेसवे से राज्य की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। इसके चलते लाजिस्टिक्स की लागत कम होगी, जिससे उद्योगों और व्यापार को बड़ा लाभ मिलेगा।
यह एक्सप्रेसवे नए औद्योगिक कारिडोर के रूप में विकसित होकर निवेश आकर्षित करेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा। कृषि, व्यापार और पर्यटन को मिलेगा सीधा फायदाप्रदेश के किसानों के लिए यह एक्सप्रेसवे मददगार साबित होगा। किसान कृषि उत्पाद तेजी से बाजार तक पहुंचा सकेंगे, जिससे उनकी कीमत बेहतर होगी। जल्दी खराब होने वाले कृषि उत्पादों की आपूर्ति चेन मजबूत होने से किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।
साथ ही बेहतर कनेक्टिविटी के चलते राज्य में सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रयागराज सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इन एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर भी हो रहा है कामराज्य में वर्तमान में विंध्य एक्सप्रेसवे, विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे, चित्रकूट-रीवा लिंक एक्सप्रेसवे, चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे (आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे), फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे (गंगा एक्सप्रेसवे से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे), जेवर लिंक एक्सप्रेसवे (यमुना एक्सप्रेसवे, जेवर एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेस वाया बुलन्दशहर) व झांसी लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर भी उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) तेजी के साथ काम कर रहा है।
दो मुख्य व 19 रैंप टोल प्लाजा होंगेएक्सप्रेसवे पर प्रयागराज व मेरठ में दो मुख्य टोल प्लाजा बनाए गए हैं, जबकि 19 स्थानों पर रैंप टोल प्लाजा बनाए गए हैं। साथ ही हापुड़ में गंगा नदी पर 960 मीटर व बदायूं में रामगंगा नदी पर 720 मीटर लंबा पुल भी इसी में शामिल है।