मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में विदेशी ब्रांड का फर्जी ठप्पा लगाकर देसी हथियारों की तस्करी का मामला सामने आया है। इटली मेड बताकर देसी पिस्टल बेचे जाने के मामले में चार आरोपियों को पुलिस ने दबोचा है। मामला मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले एक सक्रिय गिरोह का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह देश के विभिन्न राज्यों से सस्ते दामों पर हथियार खरीदकर उनपर फर्जी इटली मेड मुहर लगाकर महंगे दामों में बेच रहा था।
पंचायत चुनाव को लेकर साजिश
मुजफ्फरनगर पुलिस की इस कार्रवाई से आगामी पंचायत चुनाव से पहले बड़ी साजिश पर पानी फिर गया है। पुलिस के अनुसार, बुढ़ाना-कांधला मार्ग पर एचपी गैस गोदाम के पास संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर टीम ने तुरंत कार्रवाई की। जैसे ही पुलिस मौके पर पहुंची, वहां मौजूद युवकों ने भागने की कोशिश की। पुलिस ने घेराबंदी कर सभी को दबोच लिया गया। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से एक .32 बोर की पिस्टल, तीन .315 बोर के तमंचे और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस की ओर से कार्रवाई के बाद बताया गया कि पंचायत चुनाव के मद्देनजर जिले में अवैध हथियारों की मांग बढ़ जाती है, जिसे देखते हुए यह गिरोह बड़े स्तर पर सप्लाई की तैयारी में था। समय रहते कार्रवाई कर पुलिस ने एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया।
एसएसपी ने दी जानकारी
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपियों के पास से बरामद .32 बोर की पिस्टल को आरोपी इटली निर्मित बताकर ऊंचे दामों पर बेचते थे। वहीं, जांच में सामने आया कि ये हथियार देश के ही अन्य राज्यों में तैयार किए जा रहे थे। इस तरह का फर्जीवाड़ा कर आरोपी ग्राहकों को गुमराह करते और मोटा मुनाफा कमाते थे।
पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए गए आरोपियों में आर्यन पुत्र बिल्लू (टांडा माजरा), अनस पुत्र अलाउद्दीन (कबीरपुर), सुहैल राणा पुत्र जुल्फिकार (जौला) और वंश पाल पुत्र संजीव कुमार (अलीपुर अटेरना) के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में सभी ने कबूल किया कि वे बाहर से अवैध हथियार खरीदकर जिले में सप्लाई करते थे और मांग के अनुसार डिलीवरी देते थे।
मुख्य आरोपी का लंबा रिकॉर्ड
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी आर्यन का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से ही लंबा है। उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट, हत्या के प्रयास और सामूहिक दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब इस गिरोह के नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है, ताकि इसके आगे-पीछे जुड़े लोगों को भी पकड़ा जा सके।
500 से अधिक अवैध हथियार बरामद
मुजफ्फरनगर पुलिस की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस साल अब तक 500 से अधिक अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए जा चुके हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में इसे बड़ी उपलब्धि बताया जा रहा है। बुढ़ाना थाना पुलिस ने मामले में चारों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही, गिरोह के अन्य सदस्यों और सप्लाई चेन की पड़ताल जारी है। इस सफल ऑपरेशन के लिए पुलिस टीम को 15 हजार रुपये का नकद इनाम भी दिया गया है।