मध्य प्रदेश में चलती इलेक्ट्रिक स्कूटी में जोरदार धमाका, सड़क पर बन गई आग का गोला

कटनी: मध्य प्रदेश में लगातार इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने के मामले सामने आ रहे है। इन मामलों ने फिर इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए है। ताजा मामला, कटनी जिले से सामने आया है। यहां सड़क पर चलती इलेक्ट्रिक स्कूटी में अचानक धमाके हुआ और फिर आग लग गई। घटना में 2 छात्राएं बाल-बाल बच गई।

पहले निकला धुआं, फिर धमाका
दरअसल, कटनी शहर के मिशन चौक फ्लाईओवर पर सोमवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब चलती इलेक्ट्रिक स्कूटी में अचानक आग लग गई। हादसे के समय वाहन पर सवार दो छात्राएं कॉलेज जा रही थीं। समय रहते वाहन से उतर जाने के कारण दोनों छात्राओं की जान बच गई और एक बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार कैलवारा फाटक मोड़ निवासी श्रद्धा यादव अपनी बहन खुशबू यादव के साथ गर्ल्स कॉलेज जा रही थीं। दोनों छात्राएं एफआरएक्स (FRX) कंपनी की इलेक्ट्रिक स्कूटी से मिशन चौक फ्लाईओवर से गुजर रही थीं। इसी दौरान फ्लाईओवर के बीचोंबीच स्कूटी से अचानक धुआं निकलने लगा।

राहगीरों ने बचाई बहनों की जान
राहगीरों ने धुआं उठता देख छात्राओं को आवाज लगाई, जिसके बाद श्रद्धा यादव ने तुरंत वाहन रोक दिया। जैसे ही दोनों छात्राएं स्कूटी से उतरीं, वाहन में तेज धमाके जैसी आवाज हुई और देखते ही देखते उसमें आग भड़क उठी। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी स्कूटी को अपनी चपेट में ले लिया और वाहन धू-धू कर जलने लगा।

फायर ब्रिगेड ने आग पर पाया काबू
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर स्थानीय लोग जुट गए। तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक इलेक्ट्रिक वाहन पूरी तरह जलकर राख हो चुका था।

घटना के कारण फ्लाईओवर पर लगा जाम
इस घटना के बाद मिशन चौक फ्लाईओवर पर करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से यातायात को धीरे-धीरे सामान्य कराया गया।

छात्रा का खुलासा- सिर्फ 6 महीने पुरानी है स्कूटी
छात्रा श्रद्धा यादव ने बताया कि उन्होंने करीब छह माह पहले ही यह इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदी थी। अचानक आग लगने की घटना से परिवार भी दहशत में है। श्रद्धा के पिता सुरेंद्र यादव ने वाहन एजेंसी को भी मामले की सूचना दे दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि राहगीरों की नजर समय पर धुएं पर नहीं पड़ती तो दोनों छात्राएं गंभीर रूप से झुलस सकती थीं। घटना के बाद क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।