लखनऊ। साइबर जालसाजों ने क्रिप्टो और एसआइपी में निवेश कराने के नाम पर व्यवसायी राजेंद्र सिंह चौहान से 1.15 करोड़ रुपये ऐंठ लिए। मुनाफा देख रकम निकालने के सोची तो जालसाजों ने ट्रांसफर कराने के नाम पर रकम मांगी थी। तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।कृष्णानगर थाने में पीड़ित ने मुकदमा दर्ज कराया है।
इंस्पेक्टर पीके सिंह के मुताबिक राजेंद्र सिंह चौहान पूरन नगर निवासी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में उनकी मुलाकात हिमांशु गिहर उर्फ आजाद से हुई थी। हिमांशु ने खुद को एसआइपी निवेश का जानकार बताया था। इसके बाद बातचीत शुरू हो गई। उसने निवेश के नाम पर कई जानकारी दी। इसके बाद दस गुना मुनाफे का लालच देकर विश्वास में लिया। वर्ष 2021 से 23 के बीच 50 लाख से अधिक का निवेश कराया।
इतने रुपये निवेश के बाद भी कोई मुनाफे की रकम नहीं मिली। विरोध पर हिमांशु ने बताया कि उसमें घाटा हो गया है। इसके बाद उसने समझाया और क्रिप्टो में निवेश पर मोटे मुनाफे का लालच दिया। इसमें निवेश कराकर सारा घाटा पूरा कराने का आश्वासन दिया। वर्ष 2023 से 25 के बीच भी करीब 50 लाख का निवेस कराया।
चार वर्ष में हिमांशु ने करीब 1.15 करोड़ रुपये का निवेश कराया और सारी रकम हड़प ली। विरोध पर उसने धमकी दी। ठगी का पता चलने पर उच्चाधिकारियों को जानकारी दी। उसके बाद आरोपित के खिलाफ तहरीर दी। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
जालसाज ने अपने परिवारीजनों के खाते में ट्रांसफर कर ली रकम
पीड़ित व्यवसायी राजेंद्र सिंह के मुताबिक हिमांशु ने 93.61 लाख रुपये आनंद इंटर प्राइजेज के नाम से जमा कराए थे। बाद में जब पड़ताल की तो पता चला कि रकम हिमांशु ने अपने परिवारजन के भी कई खातों में ट्रांसफर कराई है। हिमांशु निवेश के दौरान अपनी ईमेल और मोबाइल नंबर लगाता था। जिससे मैसेज और मेल सब उसी के पास आएं।