मुजफ्फरनगर। दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर खतौली से पुरकाजी तक लगभग 50 किलोमीटर की दूरी तक ‘जान के दुश्मन’ तलाशे गए।
एसपी सिटी ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) की तकनीकी टीम के साथ निरीक्षण किया। इसमें वैध और अवैध कट के अलावा पथ-प्रकाश, स्पीड डिटेक्टर और व्हाइट एवं येलाे पट्टियों को जांचा गया। कई स्थानों पर इमरजेंसी कट मिले हैं, लेकिन ये मानक के अनुसार नहीं हैं और जानलेवा साबित हो सकते हैं।
सोमवार को एसपी सिटी अमृत जैन, सीओ सदर डा. रविशंकर मिश्र, खताैली सीओ रूपाली राय ने एनएचएआइ के तकनीकी प्रभारी ब्रजेश कुमार सिंह की टीम के साथ खतौली और पुरकाजी के बीच दिल्ली-देहरादून हाईवे का निरीक्षण किया।
निरीक्षण में हाईवे पर स्थित विभिन्न कट (यू-टर्न), सर्विस रोड, ब्लैक स्पाट, डिवाइडर, साइन बोर्ड, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था का गहनता से अवलोकन किया।
खतौली के गांव तिगाई में इमरजेंसी कट मिला है। एक तरफ ग्रामीण बसते हैं और हाईवे के दूसरे छोर पर खेत-खलिहान है। ऐसे में ग्रामीण इस कट का प्रयोग सड़क पार करने के लिए करते हैं। यहां पर साइन बोर्ड, रंबल स्ट्रिप, रिफ्लेक्टर लगाए जाएंगे। इसके बाद मंसूरपुर के संधवाली कट, नई मंडी के बिलासपुर कट के साथ पुरकाजी क्षेत्र में भी हाईवे पर कटों को परखा गया।