मुजफ्फरनगर। शिक्षा के मंदिर से एक ऐसी बर्बर घटना सामने आई है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। मंसूरपुर थाना क्षेत्र के घासीपुरा स्थित एसएफ डीएवी कॉलेज में 12वीं के छात्र अभिमन्यु पर सहपाठियों ने जानलेवा हमला कर उसकी आंख फोड़ दी। डॉक्टरों द्वारा छात्र को ‘एक आंख से दिव्यांग’ घोषित किए जाने के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है। पीड़ित पिता ने स्कूल प्रबंधन पर आरोपियों के साथ मिलीभगत और साक्ष्य छिपाने के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।
जातिसूचक गालियां और फिर पत्थर से प्रहार
घटना 24 अप्रैल की है। खानुपुर निवासी अर्जुन धनगर का 17 वर्षीय पुत्र अभिमन्यु स्कूल परिसर में था, तभी उसकी क्लास के एक छात्र ने उसे जातिसूचक गालियां दीं। विवाद बढ़ने पर आरोपी छात्र ने भारी पत्थर से अभिमन्यु की आंख पर सीधा वार कर दिया। प्रहार इतना घातक था कि अभिमन्यु मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा। आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने पुलिस को सूचना देने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की और परिजनों को केवल मामूली चोट की झूठी सूचना दी।
प्रधानाचार्य पर अभद्रता का आरोप, भाकियू का हल्ला बोल
कई अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद जब डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए और अभिमन्यु हमेशा के लिए एक आंख से दिव्यांग हो गया, तब आक्रोश फूट पड़ा। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के वरिष्ठ नेता नीरज पहलवान जब ग्रामीणों के साथ प्रधानाचार्य से जवाब मांगने पहुंचे, तो उनके साथ भी कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया।
मंगलवार को नीरज पहलवान के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीणों ने मंसूरपुर थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों और उन्हें संरक्षण देने वाले स्कूल प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
पुलिस की रडार पर स्कूल प्रबंधन
मंसूरपुर थाना प्रभारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। पुलिस अब स्कूल के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि घटना के समय स्कूल स्टाफ की भूमिका स्पष्ट हो सके। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।