UP News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां थाना कोतवाली क्षेत्र के कैला भट्टा इलाके में रहने वाले एक पूर्व पार्षद हाजी खलील फिर चर्चाओं में हैं. चर्चा का कारण उनकी राजनीति नहीं, बल्कि उनका व्यक्तिगत जीवन और संपत्ति का विवाद है. 70 साल की उम्र में हाजी खलील ने 20 साल की यासमीन नाम की युवती से अपना चौथा निकाह किया है. इस निकाह की खबर जैसे ही सार्वजनिक हुई, उनके परिवार में भारी कलह शुरू हो गई है. मामला अब घर की दहलीज से निकलकर पुलिस कमिश्नर के कार्यालय तक जा पहुंचा है.
दूसरी पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप
हाजी खलील की दूसरी पत्नी नाजरीन ने इस निकाह के बाद मोर्चा खोल दिया है. नाजरीन ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर हाजी खलील के खिलाफ प्रताड़ना और धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है. नाजरीन का कहना है कि खलील ने उनके साथ धोखा किया है और अब वे उनकी संपत्ति पर कब्जा करना चाहते हैं. महिला ने अतिरिक्त पुलिस आयुक्त को दिए प्रार्थना पत्र में अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है और बताया है कि किस तरह इस नई शादी के बाद उनका जीवन संकट में पड़ गया है.
1991 के निकाह का कड़वा सच
नाजरीन ने अपनी शिकायत में बताया कि उनका निकाह हाजी खलील के साथ वर्ष 1991 में हुआ था. उस समय खलील ने यह सच्चाई छिपाई थी कि वह पहले से ही शादीशुदा हैं. नाजरीन को अंधेरे में रखा गया कि खलील की पहली पत्नी से आठ बच्चे पहले से ही मौजूद हैं. नाजरीन से भी खलील के तीन बच्चे हैं, जिनमें दो बेटियां और एक बेटा शामिल है. इतना ही नहीं, नाजरीन का आरोप है कि खलील ने साल 2010 में एक तीसरा निकाह भी किया था, लेकिन बाद में संतान न होने के कारण उस पत्नी को तीन तलाक देकर अलग कर दिया गया था. अब 20 साल की चौथी पत्नी के घर आने से विवाद चरम पर पहुंच गया है.
संपत्ति और मेहर को लेकर छिड़ा घमासान
इस पूरे विवाद की मुख्य जड़ मेहर में दी गई संपत्ति बताई जा रही है. नाजरीन का दावा है कि वह वर्तमान में जिस मकान में रह रही हैं, वह उन्हें निकाह के समय मेहर के तौर पर दिया गया था. आरोप है कि चौथी पत्नी यासमीन के आने के बाद हाजी खलील की नीयत बदल गई है. नाजरीन का कहना है कि खलील और उनकी नई पत्नी मिलकर उस प्रॉपर्टी को हथियाने की साजिश रच रहे हैं. विरोध करने पर नाजरीन और उनके बेटे को घर से बाहर निकालने की कोशिश की गई और उन्हें डराया धमकाया जा रहा है. महिला का कहना है कि खलील अपने रसूख का इस्तेमाल कर उन्हें बेघर करना चाहते हैं.
विवादों से पुराना नाता और पुलिस की जांच
हाजी खलील गाजियाबाद की स्थानीय राजनीति का एक चर्चित चेहरा रहे हैं. वह वर्ष 1995 और 2000 में इस्लामनगर वार्ड से पार्षद चुने जा चुके हैं. राजनीति के साथ साथ उनका विवादों से भी पुराना नाता रहा है. उन पर पहले भी नगर निगम की करोड़ों रुपये की जमीन पर अवैध कब्जा करने के आरोप लग चुके हैं. अब पारिवारिक विवाद ने उनके दामन पर एक और दाग लगा दिया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नाजरीन की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है. मामले की जांच कोतवाली पुलिस को सौंप दी गई है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. इलाके में 70 साल के नेता की इस चौथी शादी को लेकर तरह तरह की चर्चाएं हो रही हैं.