मंत्री कृष्ण लाल पंवार का पानीपत में भीषण एक्सीडेंट, काफिले में घुसीं बेकाबू गाड़ियां, अस्पताल में

Krishan Lal Panwar Accident Panipat: हरियाणा की नायब सैनी सरकार में कद्दावर मंत्री कृष्ण लाल पंवार शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसे का घायल हो गए. पानीपत के जीटी रोड पर एल्डिको सिटी के पास मंत्री का काफिला अनियंत्रित होकर आपस में टकरा गया. इस हादसे में मंत्री की सरकारी इनोवा गाड़ी का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है. हादसे के तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला और इलाज के लिए पानीपत के सिविल अस्पताल ले जाया गया. फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है.

कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार शुक्रवार को चंडीगढ़ से पानीपत की ओर लौट रहे थे. शाम करीब 4 बजे उनका काफिला एल्डिको सिटी के पास टोल प्लाजा के सामने पहुंचा था. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, काफिले के आगे चल रही एक गाड़ी ने अचानक इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए. तेज रफ्तार होने के कारण काफिले में शामिल पायलट गाड़ी ने भी तुरंत ब्रेक मारे, जिससे पीछे आ रही मंत्री की गाड़ी समेत 3-4 गाड़ियां एक के बाद एक आपस में टकराती चली गईं. टक्कर इतनी जोरदार थी कि मंत्री की गाड़ी का अगला हिस्सा पिचक गया.

अस्पताल पहुंचे जिले के आला अधिकारी
मंत्री के एक्सीडेंट की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई. सूचना मिलते ही पानीपत के शहरी विधायक प्रमोद विज, डीसी वीरेंद्र दहिया और एसपी भूपेंद्र सिंह तुरंत सरकारी अस्पताल पहुंचे. अस्पताल में भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक भी जुट गए हैं. डॉक्टरों की टीम मंत्री के स्वास्थ्य की बारीकी से जांच कर रही है, हालांकि शुरुआती जानकारी के मुताबिक उन्हें गंभीर चोटें नहीं आई हैं.

हाल ही में हुआ था घुटने का ऑपरेशन
गौर करने वाली बात यह है कि कृष्ण लाल पंवार अभी पूरी तरह रिकवर भी नहीं हुए थे. 14 दिसंबर 2025 को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में उनके बाएं घुटने का बड़ा ऑपरेशन हुआ था. लंबे समय से चलने-फिरने में हो रही दिक्कत के कारण उन्होंने यह सर्जरी कराई थी. ऑपरेशन से पहले वह सरकारी फॉर्च्युनर गाड़ी का इस्तेमाल करते थे, लेकिन घुटने के आराम के लिए उन्होंने हाल ही में इनोवा गाड़ी में सफर करना शुरू किया था, जो इस हादसे में क्षतिग्रस्त हो गई.

दलित राजनीति का बड़ा चेहरा और लंबा सियासी सफर
कृष्ण लाल पंवार हरियाणा की राजनीति में एक बड़ा नाम हैं. वह नायब सैनी सरकार में पंचायत एवं विकास विभाग के साथ-साथ खान एवं भूविज्ञान विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. पंवार का राजनीतिक करियर करीब तीन दशकों का है:

साल 1991 में पहली बार इनेलो के टिकट पर असंध से विधायक बने.
लगातार 1996, 2000 और 2009 में पंवार जीते और विधायक चुने गए.
साल 2014 में इनेलो छोड़कर भाजपा में शामिल हुए और इसराना से चुनाव जीता.
खट्टर सरकार में वह परिवहन, आवास और जेल मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं.

राज्यसभा सांसद से फिर कैबिनेट मंत्री तक
2019 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद भाजपा ने उन्हें राज्यसभा भेजा था. हालांकि, 2024 के चुनाव में जमीन पर उतरने की इच्छा के चलते उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. इसराना से दोबारा विधायक बनने के बाद उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया. पंवार को पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का बेहद करीबी माना जाता है, जिन्हें वह सार्वजनिक तौर पर अपना ‘माई-बाप’ भी कह चुके हैं.