Meta Ray Ban Smart Glasses: क्या आपने कभी सोचा है कि आप बिना फोन को टच किए बिना, सिर्फ हवा में उंगलियां हिलाकर मैसेज टाइप कर सकते हैं? सुनने में यह किसी साइंस-फिक्शन के सीन जैसा लग रहा होगा, लेकिन अब हकीकत बन चुका है. टेक जगत की दिग्गज कंपनी Meta ने अपने Ray-Ban स्मार्ट ग्लासेस के लिए एक ऐसा ही कमाल का अपडेट जारी कर दिया है, जो यूजर्स को गजब की शक्ति का अहसास करा रहा है. इस नए फीचर की मदद से चश्मा पहनने वाले लोग सिर्फ हाथ के इशारों से चैटिंग कर सकते हैं.
मेटा के Ray-Ban स्मार्ट ग्लासेस के इस नए अपडेट का सबसे ज्यादा चर्चा में आने वाला फीचर है जेस्चर-बेस्ड वर्चुअल राइटिंग. जब इन ग्लासेस को पहली बार पेश किया गया था, तब यह फीचर चर्चा में था, लेकिन अभी यह तक यह फीचर मेटा सिर्फ चुनिंदा बीटा यूजर्स को हो देता था. अब इसे सभी के लिए रोल आउट कर दिया गया है.
यह टेक्नोलॉजी मेटा के न्यूरल रिस्टबैंड एक्सेसरी के साथ मिलकर काम करती है. यूजर की कलाई और उंगलियों के छोटे मूवमेंट यहां तक की इशारों को भी यह बैंड पहचान लेता है और फिर उसे टेक्स्ट में बदल देता है. इसका मतलब है कि आपको चैट करने के लिए फोन निकालने या कीबोर्ड टच करने की बिलकुल भी जरूरत नहीं होगी.
आईफोन-एंड्रॉइड पर भी करेगा काम
मेटा का यह फीचर शुरू में Whatsapp और मैसेंजर तक सीमित था, लेकिन अब इसका दायरा बढ़ा दिया गया है. अब यूजर्स इसका इस्तेमाल इंस्टाग्राम के साथ-साथ एंड्रॉइड और iOS के डिफॉल्ट मैसेजिंग ऐप्स पर भी कर सकेंगे.
मिक्स्ड रियलिटी रिकॉर्डिंग
मेटा ने डिस्प्ले रिकॉर्डिंग फीचर भी नए अपडेट के साथ पेश किया है. यह फीचर चश्मे के लेंस डिस्प्ले, यूजर के रीयल-वर्ल्ड व्यू और आस-पास की आवाज को मिलाकर एक सिंगल इमर्सिव वीडियो रिकॉर्ड करता है. इससे सामने वाले को वैसा ही एक्सपीरियंस होता है जैसा चश्मा पहनने वाला देख रहा हो.
लाइव कैप्शन्स
अब Whatsapp, फेसबुक मैसेंजर और इंस्टाग्राम पर आने वाले वॉइस मैसेजेस के लिए लाइव कैप्शन भी दिखाी देंगे.
ग्लोबल नेविगेशन
पैदल चलने वालों के लिए नेविगेशन सपोर्ट को और भी मजबूत किया गया है. अब पूरे अमेरिका के साथ-साथ लंदन, पेरिस और रोम जैसे दुनिया के कई बड़े शहरों में यह लाइव वॉक डायरेक्शन दिखाएगा.
डेवलपर्स के लिए खुले रास्ते
मेटा ने कंज्यूमर्स के साथ-साथ डेवलपर्स के लिए भी डेवलपर प्रिव्यू प्रोग्राम लॉन्च कर दिया है. इस प्रोग्राम के जरिए अब डेवलपर्स मेटा के इन स्मार्ट ग्लासेस के लिए नए ऐप्स और वेब-बेस्ड एप्लीकेशन्स तैयार कर सकेंगे. इस फैसले से साफ है कि मेटा इन चश्मों को सिर्फ एक गैजेट नहीं, बल्कि स्मार्टफोन की तरह एक पूरा कंप्यूटर बनाना चाहती है.