पंचकूला : हरियाणा के पंचकूला में राष्ट्रीय जनगणना कार्य को समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है. देश के इस महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही बरतने और अपनी ड्यूटी से गायब रहने वाले कर्मचारियों तथा अधिकारियों के खिलाफ अब कानूनी डंडा चलना शुरू हो गया है.
इस कड़ी में नगर निगम पंचकूला ने ड्यूटी से लगातार नदारद रहने वाले 21 कर्मचारियों की एक सूची तैयार कर जिला प्रशासन को सौंपी है. इन सभी के खिलाफ विभागीय जांच तो होगी ही, साथ ही एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. इसके अलावा संबंधित विभागों को इन्हें तुरंत सस्पेंड (निलंबित) करने के लिए पत्र लिखे जा रहे हैं.
उपायुक्त ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
जनगणना कार्य की प्रगति का जायजा लेने के लिए लघु सचिवालय के सभागार में उपायुक्त (DC) सतपाल शर्मा की अध्यक्षता में एक अहम समीक्षा बैठक हुई. बैठक में डीसी ने दोटूक शब्दों में कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के काम में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए कि जो कर्मचारी बार-बार चेतावनी देने के बाद भी अपनी ड्यूटी पर रिपोर्ट नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ बिना किसी देरी के तुरंत सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं.
अधिकारी भी रडार पर, मिला दो दिन का अल्टीमेटम
प्रशासन की यह सख्ती सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि काम में लापरवाही बरतने वाले बड़े अधिकारियों पर भी गाज गिरनी शुरू हो गई है. नगर परिषद कालका के चार्ज अधिकारी दीपक सुखिजा को प्रशासन ने दो दिन का कड़ा नोटिस थमाया है. इस नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि अगले दो दिनों के भीतर उनके अधिकार क्षेत्र में जनगणना के काम में संतोषजनक सुधार नहीं दिखा, तो उन्हें भी सस्पेंशन की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.
नागरिकों से सही जानकारी देने की अपील
उपायुक्त सतपाल शर्मा ने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य इस पूरी प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा के अंदर पूरा करना है और इसके लिए सभी की जवाबदेही तय की जा चुकी है. प्रशासन हर स्तर पर काम की लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है. इसके साथ ही डीसी ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है. उन्होंने कहा कि जब भी जनगणना कर्मचारी किसी के घर पहुंचें, तो उन्हें पूरी और सही जानकारी दें. जनगणना ही देश की भावी विकास योजनाओं और सरकारी नीतियों को तैयार करने का मुख्य आधार होती है, इसलिए इसमें हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए.