Jammu and Kashmir News: बेशर्म पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज आने वाला नहीं है. मौजूदा समय पाकिस्तान की दशा दुनिया के सबसे गरीब देशों के जैसी हो गई है लेकिन वो आज भी अपनी स्थिति को छोड़कर आगे बढ़ने की बजाए कश्मीर में घुसपैठ करने पर लगे हुए हैं. अभी पहलगाम में टूरिस्टों को उनका धर्म पूछकर मारने वाले आतंकी हमले के बाद भारत ने उनके घर में घुसकर उनके आतंकी कैंपों को तबाह कर दिया था और लगभग 100 आतंकियों को भी ढेर कर दिया था. काफी मिन्नतों के बाद भारत ने सीजफायर कर अभियान बंद किया. लेकिन अब एक बार फिर पाकिस्तान के आतंकी पीओके के एलओसी से जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ करने की फिराक में हैं. खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 40 आतंकी घुसपैठ की तैयारी में हैं.
ऑपरेशन सिंदूर में पूरी तरह से बैकफुट पर आ चुकी पाकिस्तानी सेना और ISI एक बार फिर जम्मू कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ करवाने की फिराक में है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सुरक्षा बलों को इनपुट मिले हैं कि जम्मू कश्मीर के राजौरी, पूंछ, कुपवाड़ा और बारामुल्ला LOC से 40 आतंकी घुसपैठ की फिराक में है. जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में 7 से 8 लॉन्च पैड एक्टिव हैं, जहां ये आतंकी घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं. दअरसल अक्टूबर से LOC के ज्यादातर इलाकों में बर्फ पढ़ना शुरू हो जाएगी, जिसके बाद आतंकियों के घुसपैठ के सभी रस्ते बंद हो जाएंगे. ऐसे में आतंकी उससे पहले LOC पार कर जम्मू कश्मीर में घुसपैठ की फिराक में हैं.
बर्फबारी शुरू होने का आतंकी कर रहे इंतजार
कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में बर्फ फरवरी तक जमी रहती है और इसी मौसम का फायदा उठाने के लिए आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, टीआरएफ और पीएएफएफ लगातार अपने आतंकियों को घुसपैठ के लिए तैयार कर रहे हैं. हाल के दिनों में घुसपैठ की कोशिशें बढ़ी हैं और सुरक्षा एजेंसियों का अनुमान है कि आने वाले समय में इनकी संख्या और भी बढ़ सकती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक कुपवाड़ा के माछिल सेक्टर, पुंछ के कृष्णा घाटी और मेंढर सेक्टर, राजौरी के केरी, नौशेरा और सुंदरबनी इलाकों के अलावा बारामुला में भी आतंकियों की मौजूदगी दर्ज की गई है. इनमें ज्यादातर आतंकी लश्कर-ए-तैयबा के फ्रंट संगठन टीआरएफ और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हुए हैं.
दो सप्ताह से आतंकियों के घुसपैठ की कोशिश लगातार जारी है
फिलहाल कश्मीर में आतंकी संगठनों का कोई मजबूत स्थानीय कैडर मौजूद नहीं है. यही वजह है कि पाकिस्तान वहां के आतंकियों को ट्रेनिंग देकर उन्हें भारत में घुसपैठ कराने की फिराक में है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक IB से भी घुसपैठ की कोशिश की जा सकती है. ऐसे में जम्मू कश्मीर में LOC और IB सेक्टर में सुरक्षा बल पूरी तरह से अलर्ट मोड पर हैं. बीते दो सप्ताहों में नियंत्रण रेखा (LoC) से आतंकियों की घुसपैठ की कोशिशों में तेज़ी आई है. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि आने वाले एक महीने में ये प्रयास और बड़े स्तर पर बढ़ सकते हैं, क्योंकि नवंबर के पहले सप्ताह से ही कश्मीर में बर्फबारी शुरू हो जाती है. बर्फ जमने के बाद फरवरी तक घुसपैठ के रास्ते पूरी तरह बंद हो जाते हैं. इसी वजह से पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन रास्ते बंद होने से पहले अधिक से अधिक आतंकियों को भारत में भेजने की फिराक में हैं.