पटना: बिहार राज्य परिवहन निगम ने एक बड़ा फैसला लिया है। बस के यात्रियों को बड़ा झटका लगने वाला है। अब उन्हें भाड़ा 15 प्रतिशत ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है। डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद बिहार परिवहन निगम ने बस भाड़े में बढ़ोतरी की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार के प्रस्ताव के मुताबिक सरकारी बसों के भाड़े में 10 से लेकर 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होने जा रही है।
15 प्रतिशत भाड़ा बढ़ेगा
ध्यान रहे कि इस मुद्दे पर पूर्व में परिवहन विभाग और बिहार राज्य पथ परिवहन विभाग के अधिकारियों की एक विशेष बैठक हुई थी, जिसमें भाड़ा में वृद्धि को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में ये फैसला हुआ कि बढ़ती ईधन की लागत के कारण बस के संचालन पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है, जिसे वर्तमान भाड़ा में एडजस्ट कर पाना मुश्किल होता जा रहा है। उसके बाद अधिकारियों के बीच विभिन्न रूटों पर 15 प्रतिशत भाड़ा बढ़ाने की सहमति बनी। हालांकि, इस पर अंतिम निर्णय प्राधिकारण की ओर से लिया जाएगा। उसके बाद इसे लागू किया जाएगा।
निजी ऑपरेटरों की मनमानी
ध्यान रहे कि निजी बस मालिकों ने पहले ही किराया बढ़ा दिया है। यात्रियों से 25 प्रतिशत ज्यादा भाड़ा वसूला जा रहा है। यात्रियों में इस बात को लेकर आक्रोश है, लेकिन उन्हें राहत इस बात की थी कि सरकारी बस का भाड़ा नहीं बढ़ा है। लेकिन अब सरकारी बस का भाड़ा भी बढ़ाने का फैसला ले लिया गया है। इससे आम यात्रियों की जेब पर असर पड़ने वाला है। पटना सहित आस-पास के यात्रियों का कहना है कि 2021 में जो भाड़ा था, उसी भाड़ा पर अभी तक सरकारी बस में सफर होता था। लेकिन अब इसे बढ़ाने का फैसला लिया गया है। जिससे यात्रियों को दिक्कत होगी, लेकिन किया क्या जा सकता है।
बस भाड़ा में वृद्धि
ध्यान रहे कि पूरे बिहार में पटना से मुजफ्फरपुर, पटना से दरभंगा और पटना से छपरा के अलावा पटना से बेतिया, पटना से किशनगंज और पूर्णिया तक बसों का संचालन होता है। इसमें निजी बसों के अलावा सरकारी बसें शामिल हैं। भाड़ा बढ़ने के बाद यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ेगा। यात्रियों का कहना है कि सरकारी बस ही उनकी एक उम्मीद थी, जहां वे सस्ते में आरामदायक यात्रा कर पाते थे। लेकिन सरकार का फैसला है, तो भाड़ा बढ़ा हुआ देना पड़ेगा।
क्या कहते हैं यात्री?
अनीसाबाद पटना से रोजाना हाजीपुर ड्यूटी के लिए जाने वाले आर्यन कहते हैं कि भाड़ा में बढ़ोतरी से दिक्कत तो है हीं, लेकिन क्या किया जाएगा। सरकार ने डीजल के दाम को देखते हुए भाड़ा बढ़ाया है। वहीं फुलवारी से रोजाना गांधी मैदान जाने वाले रंजन राय कहते हैं कि मैं रोजाना जाता हूं। सरकार को सोचना चाहिए कि पटना ही नहीं, बिहार का सबसे गरीब आदमी मजबूरी में बस का सफर करता है। ऑटो से नहीं जा सकता। वैसे में सरकार को भाड़ा नहीं बढ़ाना चाहिए। गरीबों को इससे दिक्कत होगी। फुलवारी की रहने वाली शबाना बताती हैं कि पटना में सिटी बस सर्विस हम लोगों के लिए बहुत बड़ा सहारा है, लेकिन इसका भी अब भाड़ा बढ़ने वाला है। सरकार इसे बढ़ाने से पहले विचार करे क्योंकि गरीब आदमी ही सिर्फ इससे सफर करता है। पैसे वालों को सरकारी बस में किसी ने देखा है क्या?