मुजफ्फरनगर। पुलिस ने तीन तस्करों को दबोचकर एक करोड़ रुपये की प्रतिबंधित दवा बरामद की है। तस्करों की कार और गोदाम से लगभग 11.66 लाख प्रतिबंधित सॉल्ट ट्रॉमाडोल के स्पासमो नामक कैप्सूल बरामद हुए हैं।
गिरोह ने आरएस एंटरप्राइजेज फर्म बना रखी थी। इसके माध्यम से यह गिरोह गोरखपुर के शशांक से खरीदकर एक वर्ष में लगभग पांच करोड़ रुपये के कैप्सूल सप्लाई कर चुका है। गिरफ्तार आरोपितों में एक मेडिकल स्टोर संचालक है और दो आरोपित बड़े दवा सप्लायर हैं।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि पुलिस ने मंगलवार रात एक कार चालक को रुकने का इशारा किया तो कार सवार भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर कार को पकड़ लिया। कार सवार अश्विनी शर्मा व विनोद कुमार गिरफ्तार किया। इनके पास से दो कार्टन में ट्रॉमाडोल साल्ट के स्पासमो कैप्सूल बरामद हुए।
आरोपितों ने बताया कि उनका संगठित गिरोह है। यह नशीले कैप्सूलों की सप्लाई करता है। आरोपितों ने एक युवक सागर से ऋण दिलाने के नाम पर दस्तावेज लिए थे। उसके नाम पर फर्जी आरएस एंटरप्राइजेज फर्म खोलकर प्रतिबंधित दवा का कारोबार करने लगे।
इसी फर्म के नाम से बिल बनाकर गोरखपुर निवासी तस्कर शशांक से ट्रांसपोर्ट के माध्यम से प्रतिबंधित दवा मंगाते थे। आरोपितों ने शहर में गोदाम बनाकर कैप्सूल छिपा रखे थे। यहां से इनके साथी यशपाल ग्रोवर को पकड़ा गया। गोदाम में 52 कार्टन मिले।
पुलिस ने 54 कार्टन में भरे 11.66 लाख कैप्सूल बरामद किए हैं। गिरोह का सरगना अश्वनी शर्मा है। वह शशांक से कैप्सूल मंगाता था। उसके बाद प्रत्येक सदस्य को कैप्सूल सप्लाई कराता था। पुलिस ने इससे पहले 10 मई को इसी गिरोह से जुड़े छह तस्करों को पकड़कर लगभग 40 लाख रुपये के 4.72 लाख कैप्सूल बरामद किए थे। पकड़ा गया विनोद मेडिकल स्टोर चलाता है और दोनों आरोपित नशे की दवा सप्लाई करते थे। एसएसपी ने बताया कि सभी आरोपितों के विरुद्ध गैंग्सटर एक्ट की कार्रवाई होगी।
दर्द निवारक दवा में शामिल हैं कैप्सूल
जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. योगेंद्र त्रिखा ने बताया कि स्पासमो कैप्सूल दर्द निवारक दवा में शामिल है। इसमें सेट्रॉमाडोल हाइड्रोक्लोराइड एवं डाइक्लोमाइन हाइड्रोक्लोराइड सॉल्ट होता है। कैंसर रोगी भी इसे खाते हैं। चिकित्सक के पर्चे पर इसे खरीदा जा सकता है। समय के साथ इसकी डोज बढ़ने से रोगी को लत लग जाती है। इसका प्रयोग नशे के रूप में हो रहा है। इसी कारण से ही इसे प्रतिबंधित दवा की श्रेणी में रखा गया है।