मुज़फ़्फ़रनगर: आसमान से बरस रही है झुलसा देने वाली गर्मी और लू; गाइडलाइंस

मुजफ्फरनगर। मई महीने की शुरुआत के साथ ही जनपद में सूरज के तेवर बेहद तल्ख हो गए हैं। तपती दोपहर और लगातार चल रही धूलभरी गर्म हवाओं (लू) ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। तेजी से बढ़ते पारे के साथ ही ऊष्माघात (हीट स्ट्रोक) का खतरा भी कई गुना बढ़ गया है। इस बेहद संवेदनशील स्थिति को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एक विस्तृत गाइडलाइन (दिशा-निर्देश) जारी कर नागरिकों से अत्यधिक सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि दोपहर 12 बजे से लेकर तीसरे पहर 3 बजे तक सीधे धूप के संपर्क में आना जानलेवा साबित हो सकता है।

बंद गाड़ियाँ बन सकती हैं ‘मौत का जाल’
एडीएम ने दी कड़ी चेतावनीअपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संजय कुमार ने बताया कि यह रिकॉर्ड तोड़ गर्मी केवल इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए भी बेहद खतरनाक सिद्ध हो रही है। उन्होंने एक बेहद जरूरी चेतावनी देते हुए कहा कि अक्सर लोग अपने बच्चों या पालतू जानवरों को खड़ी गाड़ी में छोड़कर चले जाते हैं। ऐसी चिलचिलाती धूप में बंद गाड़ियों के भीतर का तापमान महज कुछ ही मिनटों में असामान्य रूप से (भट्टी की तरह) बढ़ जाता है, जो किसी की भी जान ले सकता है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
लंबे समय तक धूप में रहने से अगर शरीर में कमजोरी, अचानक चक्कर आना, तेज सिरदर्द, घबराहट होना, बार-बार उल्टी आना या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे सामान्य थकान न समझें। यह ‘हीट स्ट्रोक’ के लक्षण हैं, ऐसी स्थिति में तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करें।

बासी और दूषित भोजन से पूरी तरह बनाएं दूरी
प्रशासन द्वारा जारी की गई एडवायजरी में नागरिकों को सलाह दी गई है कि जब तक कोई बेहद जरूरी या आपातकालीन कार्य न हो, तब तक दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें।पहनावा: बाहर जाते समय हल्के रंग के सूती और ढीले-ढाले कपड़े ही पहनें। अपने सिर और चेहरे को तौलिए या स्कार्फ से अच्छी तरह ढककर रखें और छाते का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें।
खान-पान: शरीर में पानी का स्तर बनाए रखने के लिए सादे पानी के अलावा नींबू पानी, ओआरएस (ORS) का घोल, मट्ठा और छाछ का अधिक से अधिक सेवन करें। इस मौसम में भोजन बहुत जल्दी संक्रमित होता है, इसलिए बासी और खुले हुए भोजन से पूरी तरह दूर रहें।