हार से बौखलाए जूड बेलिंगहम ने मैदान पर खोया आपा, अर्जेंटीना के खिलाड़ी वैलेन्टिन बारको को जड़ा थप्पड़

नई दिल्‍ली। अर्जेंटीना के खिलाफ फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल मैच में बुधवार देर रात इंग्लैंड के मिडफील्डर जूड बेलिंगहम अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए। बेलिंगहम अर्जेंटीना के खिलाफ वैसा असर नहीं दिखा पाए, जैसा उन्होंने वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के लिए बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दिखाया था।

मेसी ने 2 गोल में मदद की
अर्जेंटीना ने मैच के आखिर में बाजी पलट दी। कप्‍तान लियोनेल मेसी ने 7 मिनट के अंदर एन्जो फर्नांडीज और लॉटारो मार्टिनेज के लिए गोल सेट किए। इसके बाद बेलिंगहम अपना आपा खो बैठे। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में रियल मैड्रिड के मिडफील्डर को अर्जेंटीना के वैलेन्टिन बारको के सिर पर थप्पड़ मारते हुए देखा जा सकता है।

मैच के बाद विवाद
यह घटना रेफरी के फुल-टाइम की सीटी बजाने के ठीक बाद हुई। पिच पर अकेले खड़े होकर मैच के नतीजे के बारे में सोच रहे बेलिंगहम को सबसे पहले अर्जेंटीना के एक खिलाड़ी ने सांत्वना दी। बाद में बार्को अपने साथियों के साथ जश्न मनाने और गले मिलने के लिए उनके पास गए। इसी दौरान बार्को ने बेलिंगहम से कुछ कहा।

मैदान पर धक्‍का-मुक्‍की
इस वर्ल्ड कप में 6 गोल करने वाले इंग्लैंड के मिडफील्डर को यह बात बुरी लगी और उन्होंने बार्को के सिर पर मारा। जवाब में अर्जेंटीना के खिलाड़ी ने उन्हें पीछे धकेल दिया। दूसरे खिलाड़ियों ने तुरंत बीच-बचाव किया और मामला और बढ़ने से पहले ही शांत करा दिया। रियल मैड्रिड के मिडफील्डर बेलिंगहम ने मैच के बाद मीडिया से कहा, “यह हमारे लिए बहुत दुखद दिन है। हमने अच्छा खेला, आखिर तक संघर्ष किया, लेकिन यह काफी नहीं था।”

जमकर हो रही आलोचना
इंग्लैंड के मैनेजर थॉमस ट्यूशेल को मैच के आखिर में अपनाई गई रणनीति के लिए सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा। उन्होंने खेल की गति धीमी करने और पूरी तरह से डिफेंस पर ध्यान देने का फैसला किया। हालांकि, थॉमस ने अपने फैसलों का बचाव करते हुए कहा कि आलोचना इसलिए हो रही है क्योंकि इंग्लैंड हार गया।

उन्होंने कहा, “मैंने पिछले मैचों में अटैक को मजबूत करने वाले बदलाव भी किए थे। हम बस खिलाड़ियों की मदद करने की कोशिश कर रहे थे। हमें तुरंत ही एक मौका गंवाना पड़ा और हमने ‘बैक फाइव’ (पांच डिफेंडर वाली रणनीति) अपनाने का फैसला किया क्योंकि बीच में बहुत ज्‍यादा जगह खाली थी। हमारे गोल के ठीक बाद, बिना किसी बदलाव के विरोधी टीम ने बहुत सारे क्रॉस और मौके बनाए, इसलिए हमने मदद करने की कोशिश की। जिम्मेदारी कोच की होती है और अगर चीजें ठीक नहीं होतीं, तो यह कहना आसान होता है कि फैसला गलत था।”