मुजफ्फरनगर। मुज़फ़्फ़रनगर। भीषण गर्मी के बीच बुधवार को शहरवासियों ने अघोषित बिजली कटौती का जमकर दर्द झेला और अब गुरुवार को बिजली विभाग ने घोषित शटडाउन का ऐलान कर दिया है। ऐसे में लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को बिना आंधी और बिना बारिश के दिनभर बिजली की आंखमिचौली चलती रही, जबकि अब विभाग ने 21 मई को सुबह 7 बजे से 11 बजे तक चार घंटे का शटडाउन घोषित कर दिया है।
नगरीय अधिशासी अभियंता सागरमल द्वारा ज़ारी शेड्यूल के अनुसार 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र जानसठ रोड से संचालित 11 केवी एटूज़ेड फीडर के विभक्तिकरण और बिजनेस प्लान के तहत कार्य कराया जाएगा। इसके चलते संबंधित क्षेत्रों की बिजली सप्लाई पूरी तरह बाधित रहेगी। विभाग ने लोगों से पहले से वैकल्पिक व्यवस्था करने की अपील की है।
इधर बुधवार को शहर के कई इलाकों में हालात इतने खराब रहे कि लोगों को घंटों बिजली संकट से जूझना पड़ा। जहां सप्लाई आई भी, वहां डिम वोल्टेज ने नई मुसीबत खड़ी कर दी। कूलर-पंखे रेंगते नजर आए और AC पूरी तरह बेअसर साबित हुए। लोगों का कहना है कि “कागजों में 24 घंटे बिजली” के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीन पर सिर्फ कटौती और लो-वोल्टेज मिल रहा है।
शहरवासियों का आरोप है कि बिजली विभाग सिर्फ बिल वसूलने में तेजी दिखाता है, जबकि व्यवस्था सुधारने के नाम पर हर बार तकनीकी खराबी का बहाना बना दिया जाता है। कई इलाकों में लोग रातभर उमस और गर्मी से परेशान रहे।
उधर अधिशासी अभियंता नगरीय सागरमल ने सफाई देते हुए बताया कि सुरेंद्र नगर बिजलीघर से चलने वाले एटूज़ेड और वसुंधरा फीडर पर अचानक लोड बढ़ने के कारण रातभर सप्लाई प्रभावित रही। पहले जहां 190 एम्पियर लोड था, वह मंगलवार रात बढ़कर 300 एम्पियर तक पहुंच गया, जिससे बार-बार फॉल्ट की स्थिति बनी।
इसके अलावा पचेड़ा क्षेत्र में भी ट्रांसमिशन ब्रेकर में तकनीकी खराबी के चलते बिजली आपूर्ति बाधित रही। अधिशासी अभियंता ने कहा कि विभाग की टीमें रातभर फॉल्ट ठीक करने में लगी रहीं और लोगों से सहयोग व धैर्य बनाए रखने की अपील की गई है।