नवादाः बिहार के नवादा जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां पति-पत्नी की जोड़ी स्कूटी पर सवार होकर दिन-रात सड़कें नापती रहती थी. लोग उन्हें आम दंपति समझते थे, लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली. दरअसल, यह जोड़ा बिहार और झारखंड की सीमा पार कर बार-बार आना-जाना करता था. उनकी गतिविधियों पर जब उत्पाद विभाग की टीम की नजर पड़ी, तो मामला धीरे-धीरे खुलने लगा.
जानकारी के अनुसार, उत्पाद विभाग की टीम ने रजौली समेकित जांच चौकी पर वाहन जांच अभियान चला रखा था. इसी दौरान टीम ने एक स्कूटी को रोक लिया. स्कूटी पर पति-पत्नी सवार थे. सामान्य पूछताछ के बाद जब उनकी तलाशी ली गई, तो टीम दंग रह गई. स्कूटी से एक-दो नहीं, बल्कि 48 बोतल बियर बरामद हुईं. गिरफ्तार किए गए दोनों गया जिले के रहने वाले हैं. पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि वे लंबे समय से यह काम कर रहे थे. पति-पत्नी झारखंड के कोडरमा से शराब खरीदकर लाते और गया जिले में बेचते थे. यह उनका नियमित धंधा बन चुका था और कई बार वे सीमा पार करके माल ढो चुके थे. इस बार भी उन्हें लगा कि वे आसानी से निकल जाएंगे, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया और वे रंगे हाथों पकड़े गए.
स्कूटी से करते सफर और तस्करी
बताया जा रहा है कि पति-पत्नी ने पुलिस को चकमा देने के लिए स्कूटी को ही मुख्य साधन बना लिया था. बड़े वाहनों की अपेक्षा स्कूटी पर शक कम होता है और अक्सर जांच चौकियों से गुजरने में आसानी हो जाती है. साथ ही, दंपत्ति होने के कारण पुलिसकर्मी भी उन्हें सामान्य यात्री मानकर छोड़ देते थे. लेकिन रजौली में उत्पाद विभाग की टीम की सतर्कता ने उनकी योजना पर पानी फेर दिया. पकड़े जाने के बाद दोनों से सख्ती से पूछताछ की गई. उन्होंने माना कि यह उनका पहला प्रयास नहीं था, बल्कि वे कई बार शराब की खेप ला चुके थे.
दोनों हुए गिरफ्तार
स्थानीय स्तर पर उन्हें अच्छा दाम मिल जाता था, जिससे उनका धंधा तेजी से चल रहा था. पति-पत्नी की इस जोड़ी ने मिलकर शराब तस्करी को एक ‘सुरक्षित बिजनेस’ की तरह बना रखा था. फिलहाल, उत्पाद विभाग ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और उत्पाद अधिनियम के तहत जेल भेज दिया है. टीम अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है. संभावना जताई जा रही है कि इस धंधे में और भी लोग शामिल हैं, जो सीमावर्ती इलाकों से अवैध शराब की सप्लाई करते हैं.