चार साल बाद यूपी को मिलेंगे स्थायी डीजीपी, सीनियरिटी के हिसाब से इन 3 नामों की चर्चा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश को करीब चार साल बाद एक परमानेंट डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) मिलने की संभावना है। यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) ने मंगलवार को दिल्ली में यूपी पुलिस के सबसे बड़े पद के लिए योग्य आईपीएस (IPS) अधिकारियों का एक पैनल फाइनल करने के लिए मीटिंग की है। उत्तर प्रदेश सरकार ने 18 मार्च को राज्य पुलिस प्रमुखों की नियुक्ति से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए योग्य अधिकारियों के नाम पहले ही यूपीएससी को भेज दिए थे।

चुनिंदा अफसरों के नाम जल्द आने की संभावना
सरकार के सीनियर अधिकारियों के अनुसार, संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से डीजीपी पद के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए नाम एक या दो दिन में आने की संभावना है। आयोग सीनियरिटी, सर्विस रिकॉर्ड और अनुभव के आधार पर तीन उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करता है और फिर अंतिम फैसले के लिए फाइनल पैनल को राज्य सरकार के पास वापस भेज देता है।

रेणुका मिश्रा सबसे वरिष्ठ अधिकारी
यूपीएससी को भेजी गई अधिकारियों की लिस्ट में सबसे सीनियर अधिकारी 1990 बैच की अधिकारी रेणुका मिश्रा हैं। उनके बाद 1991 बैच के आलोक शर्मा और पीयूष आनंद हैं। ये दोनों अभी डेपुटेशन पर केंद्र में सवाएं रहे हैं। आलोक शर्मा स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप के डायरेक्टर हैं, जबकि पीयूष आनंद नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स के प्रमुख हैं। हालांकि शर्मा का कार्यकाल अब छह महीने से भी कम बचा है।

यूपीएससी की कमेटी में होते हैं यह अधिकारी
चयन के लिए बनने वाली कमेटी में यूनियन होम सेक्रेटरी या उनके नॉमिनी, राज्य के चीफ सेक्रेटरी, मौजूदा डीजीपी और केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से नॉमिनेटेड किसी सेंट्रल पुलिस संगठन का एक प्रतिनिधि शामिल होता है। निर्धारित शर्तों के अनुसार पैनल बनाने की प्रक्रिया में यह भी देखा जाता है कि क्या किसी अधिकारी के पास पुलिसिंग के मुख्य क्षेत्रों में कम से कम 10 साल का अनुभव है। इनमें जिला, जोन या रेंज स्तर पर कानून-व्यवस्था का प्रबंधन, सीआईडी, आर्थिक अपराध विंग, साइबर-क्राइम और भ्रष्टाचार-रोधी इकाइयों जैसी खास जांच विंग और इंटेलिजेंस, स्पेशल ब्रांच, आतंकवाद-रोधी सहित सुरक्षा से जुड़े काम शामिल हैं।

डीजीपी पद के लिए अनुभव सबसे अहम
प्रमुख केंद्रीय एजेंसियों में डेपुटेशन के जरिए मिला अनुभव भी एक अहम पहलू है, जिसमें आईबी, रॉ (RAW), सीबीआई, एनआईए, प्रवर्तन निदेशालय, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, एसपीजी, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में पोस्टिंग शामिल हैं।