तेल महंगा, सरकार मालामाल! राजस्थान में हर दिन 100 करोड़ से ज्यादा की कमाई

Fuel Gets Costlier, Government Rakes It In! Daily Earnings Exceed ₹100 Crore in Rajasthan.
Fuel Gets Costlier, Government Rakes It In! Daily Earnings Exceed ₹100 Crore in Rajasthan.

जयपुर। राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से सरकार को वैट और रोड सेस से रोज करीब 100 करोड़ रुपए राजस्व मिल रहा है। डीलर्स ने वैट कम करने की मांग की है और समस्याएं नहीं सुलझने पर 1 जून से प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच राज्य सरकार की वैट और रोड सेस से होने वाली कमाई भी तेजी से बढ़ रही है। तेल कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद सरकार को हर दिन करीब 3 करोड़ 73 लाख रुपए अतिरिक्त राजस्व मिल रहा है। वहीं कुल दैनिक राजस्व 100 करोड़ रुपए से अधिक पहुंचने का अनुमान है।

राजस्थान में फिलहाल पेट्रोल पर 29.04 प्रतिशत और डीजल पर 17.30 प्रतिशत वैट लागू है। चूंकि यह टैक्स प्रतिशत आधारित है, इसलिए तेल कंपनियों द्वारा बेस प्राइस बढ़ाते ही सरकार की टैक्स आय स्वतः बढ़ जाती है।

राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार प्रदेश में हर साल डीजल की खपत लगभग 612 करोड़ लीटर और पेट्रोल की करीब 276 करोड़ लीटर है। औसतन प्रतिदिन 1.68 करोड़ लीटर डीजल और 76 लाख लीटर पेट्रोल की बिक्री होती है। इसी वजह से ईंधन कीमतों में मामूली बढ़ोतरी भी सरकार के राजस्व पर बड़ा असर डालती है।

आंकड़ों के मुताबिक 1 अप्रैल को पेट्रोल और डीजल से सरकार को प्रति लीटर करीब 39.51 रुपए राजस्व मिल रहा था, जो 15 मई तक बढ़कर 40.70 रुपए और 19 मई तक 41.04 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया। पेट्रोल पर वैट संग्रह 23.22 रुपए से बढ़कर 24.17 रुपए और डीजल पर 13.04 रुपए से बढ़कर 13.62 रुपए प्रति लीटर हो गया।

एसोसिएशन के महासचिव शशांक कोरानी ने कहा कि पिछले 12 दिनों में चार बार कीमतें बढ़ चुकी हैं। इस दौरान पेट्रोल करीब 7.94 रुपए और डीजल 7.57 रुपए प्रति लीटर महंगा हुआ है। उन्होंने कहा कि कीमतों में आगे और बढ़ोतरी की आशंका है, इसलिए राज्य सरकार को वैट कम कर आम लोगों को राहत देनी चाहिए।

पेट्रोल पंपों पर 1 जून को हड़ताल की चेतावनी
इसी बीच राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने सरकार और तेल कंपनियों को चेतावनी दी है कि यदि डीलर्स की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो 1 जून 2026 को प्रदेशभर में पेट्रोल पंप संचालक विरोध प्रदर्शन करेंगे।

एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम तथा भारत पेट्रोलियम के अधिकारियों को पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि लंबे समय से डीलर्स की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है।

संगठन ने मांग की है कि जल्द उच्च स्तरीय बैठक बुलाकर समाधान निकाला जाए, अन्यथा आंदोलन तेज किया जाएगा। एसोसिएशन की चेतावनी के बाद प्रदेश में संभावित ईंधन संकट और आपूर्ति बाधित होने की आशंका को लेकर चर्चा तेज हो गई है।