दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 पर कूड़े का अंबार: NHAI को संभालनी पड़ रही जिम्मेदारी

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर नगर पालिका की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। शहर का कूड़ा निस्तारित करने के बजाय उसे हाईवे किनारे फेंके जाने के आरोप लग रहे हैं, जिससे न केवल राष्ट्रीय राजमार्ग की छवि प्रभावित हो रही है बल्कि सड़क सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है। ताजा मामला रविवार का है, जब दिल्ली-देहरादून हाईवे पर एक बार फिर कूड़े से भरा ट्रक सड़क किनारे खाली कर दिया गया।

कूड़ा इस कदर फैला कि उसका कुछ हिस्सा हाईवे की सड़क तक पहुंच गया। तेज रफ्तार वाहनों के बीच सड़क पर फैला कूड़ा दुर्घटना का कारण बन सकता था। इसके अलावा बदबू और गंदगी के कारण राहगीरों और आसपास के लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

मामले की जानकारी मिलने पर NHAI की हाईवे सर्विलांस यूनिट मौके पर पहुंची और तत्काल सफाई अभियान चलाकर सड़क पर फैले कूड़े को हटवाया। इसके बाद यातायात को सामान्य किया गया। NHAI कर्मचारियों का कहना है कि ऐसी घटनाएं अब आम होती जा रही हैं और उन्हें बार-बार ऐसी स्थितियों से निपटना पड़ता है।

हाईवे सर्विलांस यूनिट में कार्यरत NHAI कर्मचारी सुमित विकल ने बताया कि नगर पालिका के कूड़ा ढोने वाले ट्रक अक्सर हाईवे किनारे कूड़ा डालकर चले जाते हैं। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग की सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि कई बार कूड़ा सड़क तक फैल जाता है, जिसे हटाने की जिम्मेदारी आखिरकार NHAI को ही उठानी पड़ती है।

हाईवे पर चाय की टपरी चलाने वाले मुकेश सैनी का कहना है कि एक तरफ सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों को आधुनिक और स्वच्छ बनाने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ शहर का कूड़ा इन्हीं मार्गों के किनारे डाला जा रहा है। प्रशासन से मांग है कि हाईवे पर कूड़ा फेंकने की इस व्यवस्था पर तत्काल रोक लगाई जाए और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।