नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीर सिंह पुरी के मुताबिक, कार और बाइक कंपनियों द्वारा Flex Fuel गाड़ियां लॉन्च करने के साथ ही भारत का लक्ष्य इस साल के अंत तक 500 फ्लेक्स-फ्यूल रिटेल पंप खोलना है। इसके बाद, साल 2027 के अंत तक प्रमुख शहरों में ऐसे आउटलेट्स की संख्या को बढ़ाकर लगभग 5,000 करने की योजना है।
Flex Fuel रिटेल नेटवर्क पर यह ध्यान इसलिए दिया जा रहा है क्योंकि सरकार कच्चे तेल पर निर्भरता कम करना चाहती है। इसके लिए सरकार Ethanol-आधारित गाड़ियों को बढ़ावा देने के प्रयासों को तेजी से बढ़ा रही है।
क्या है शुरुआती योजना?
हरदीप सिंह पुरी ने कहा, शुरुआत में हमारे पास Delhi-NCR, मुंबई, पुणे और अहमदाबाद में 50 से 100 से ज्यादा फ्यूल स्टेशन होंगे। इस साल दिसंबर तक इन्हें बढ़ाकर 500 किया जाएगा और अगले साल के अंत कर प्रमुख शहरों में लगभग 5,000 आउटलेट्स तक विस्तार किया जाएगा।
Hero Motocorp की एंट्री
यह घोषणा Hero Motocorp के फ्लेक्स-फ्यूल सेगमेंट में एंट्री लेने के एक दिन बाद ही आई है। कंपनी ने अपनी Splendor और HF Deluxe मोटरसाइकिलों के फ्लेक्स-फ्यूल वर्जन को लॉन्च किया है जो 20 से 85% इथेनॉल मिले पेट्रोल पर चल सकते हैं। पुरी ने आगे कहा कि, Flex Fuel सेगमेंट में भारत की सबसे बड़ी पैसेंजर वाहन निर्माता और सबसे बड़ी टू-व्हीलर निर्माता की एंट्री ट्रांसपोर्ट सेक्टर में इथेनॉल को अपनाने के मामले में बड़ा मोड़ है।
सरकारी अनुमान के आंकड़े
सरकारी अनुमानों के मुताबिक, अगर भविष्य में बिकने वाले सभी टू-व्हीलर और पैसेंजर वाहनों में से आधे भी फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक पर शिफ्ट हो जात हैं तो इससे 300 करोड़ लीटर से ज्यादा अतिरिक्त इथेनॉल की मांग हो सकती है। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।
बढ़ावे के लिए सस्ता फ्यूल
इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार की यह योदना सरकार ने E85 की यह योजना सरकार ने E85 फ्यूल को बढ़ावा देने के कदम के बाद आई है। हरदीप सिंह पुरी ने इस हफ्ते की शुरुआत में कहा था कि ग्राहकों को इसे अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए इसकी कीमत सामान्य पेट्रोल से कम रखी जाएगी। पुरी ने आगे कहा कि, भारत को शुरुआत में फ्लेक्स-फ्यूल इकोसिस्टम बनाने में संघर्ष करना पड़ा था क्योंकि फ्यूल पंप तो मौजूद थे लेकिन गाड़ियां बहुत कम थीं। अब जब वाहन निर्माता कंपनियां अपने Flex Fuel प्रोडक्ट्स को बाजार में ला रही हैं तो फ्यूल की सप्लाई और मांग के बीच का संतुलन सही होने लगा है।