लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इसको लेकर राजनीतिक दलों में वार-पलटवार का दौर शुरू हो गया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने दावा किया है कि भारतीय जनता पार्टी 225 सीटों पर अपने उम्मीदवर बदल देगी।
दरअसल, यूपी सरकार ने मंत्री नंद गोपाल नंदी से UPEIDA का चार्ज वापस ले लिया है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास रहेगा। अखिलेश यादव ने सरकार के इस फैसले को बहुत देर से उठाया गया कदम बताया और इसे 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों से जोड़ा।
सीएम कार्यालय सभांलेगा UPEIDA का कामकाज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद अथॉरिटी का कामकाज सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय संभालेगा। इस आदेश के बाद प्रोजेक्ट और फाइनेंस से जुड़ी मंजूरियां अब नंद गोपाल नंदी के नेतृत्व वाले इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के बजाय इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के जरिये होंगी।
‘नंदी को अगले चुनाव में नहीं मिलेगा टिकट’
अखिलेश यादव का कहना है कि यह कार्रवाई देर से की गई और राजनीतिक मकसद से प्रेरित है। इलाहाबाद दक्षिण से विधायक नंदी का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, आज उनकी ताकत कम कर दी गई है और जब उन्हें 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए टिकट नहीं मिलेगा तो वे कहीं नजर नहीं आएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि एक्सप्रेसवे के मुख्य काम पूरे होने के बाद अधिकार छीनने का कोई मतलब नहीं है। खराब क्वालिटी के एक्सप्रेसवे बनने और घूस के टारगेट पूरे होने के बाद उनसे अधिकार छीनने का क्या फायदा?
‘प्रयागराज की सभी सीटों पर दिखेंगे नए चेहरे’
अखिलेश यादव ने दावा किया कि राजनीतिक हलकों में यह चर्चा चल रही है कि BJP सत्ता-विरोधी लहर और भ्रष्टाचार को लेकर जनता के गुस्से को संभालने के लिए बड़े पैमाने पर उम्मीदवार बदलने की तैयारी कर रही है। चर्चा है कि पार्टी प्रयागराज की सभी विधानसभा सीटों पर चेहरे बदलने को तैयार है, जिसमें नंदी की सीट भी शामिल है। BJP नेताओं का मानना है कि स्थानीय प्रतिनिधि पैसा कमाने पर ध्यान दे रहे थे, जिससे 2024 के आम चुनाव में इलाहाबाद लोकसभा सीट पर पार्टी की हार हुई।
‘हार वाली सीटों पर उम्मीदवार बदलेगी भाजपा’
सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा उन सभी निर्वाचन क्षेत्रों में यही तरीका अपनाने पर विचार कर रही है जहां उसे 2024 में हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा उन सभी 43 लोकसभा सीटों पर इसी रणनीति को दोहराना चाहती है जो वह INDIA गठबंधन से हारी थी। इसी आधार पर अखिलेश यादव ने दावा किया कि 2027 से पहले लगभग 225 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार बदले जा सकते हैं।
‘हारे चुनाव पर पैसा नहीं खर्च करना चाहते विधायक’
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि बीजेपी के कई मौजूदा विधायक अगला विधानसभा चुनाव लड़ने को इच्छुक नहीं हैं क्योंकि उन्हें सपा के PDA फॉर्मूले (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) के सामने अपनी हार साफ दिख रही है। भाजपा के पास अब कुल मतदाताओं का एक-चौथाई से भी कम हिस्सा है। यही वजह है कि विधायक ऐसे चुनाव पर अपना पैसा खर्च नहीं करना चाहते जिसमें उनकी जीत की कोई गुंजाइश नहीं दिख रही है।