पेट्रोल पर आ गई खुशखबरीः घट गई एक्साइज ड्यूटी-जानें कितना मिलेगा फायदा

Good news for petrol: Excise duty reduced – find out how much you will benefit.

नई दिल्ली: सरकार ने ज्यादा एथेनॉल मिले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी खत्म कर दी। अब 22% से 30% एथेनॉल वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी नहीं लगेगी। सरकार ने इस बारे में एक नोटिफिकेशन जारी किया है। जानकारों का कहना है कि सरकार के इस फैसले से भविष्य में तेल की कीमतें स्थिर रखने में मदद मिल सकती है। साथ ही इससे एथेनॉल की मांग बढ़ेगी जिससे किसानों को भी फायदा होगा।

ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में काफी तेजी आई है। यह 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। इससे सरकार का आयात बिल बढ़ गया है और चालू खाते का घाटा बढ़ रहा है। इसका असर रुपये पर भी दिख रहा है और डॉलर के मुकाबले इसमें काफी गिरावट आई है। भारत दुनिया में कच्चे तेल का तीसरा बड़ा आयातक और उपभोक्ता है। यही वजह है कि सरकार वैकल्पिक ईंधन पर जोर दे रहा है ताकि आयात में कमी की जा सके।

क्या है डर?
सरकार ने हायर एथेनॉल वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी खत्म कर दी है लेकिन टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह संभव है कि एथेनॉल ब्लेंडिंग का लेवल बढ़ाने का आदेश न दे, बल्कि फ्लेक्स फ्यूल गाड़ियों के बारे में फैसला खरीदारों पर छोड़ दे। इसकी वजह यह है कि कई लोगों ने चिंता जताई है कि E20 से E25 पर तेजी से जाने से मौजूदा गाड़ियों के इंजन खराब हो सकते हैं।

2012 और मार्च 2023 के बीच बनी ज्यादातर कारें और दो-पहिया गाड़ियां E10 के अनुकूल थीं। इसी तरह अप्रैल 2023 से बनी गाड़ियां E20 के अनुकूल थीं यानी उन्हें 20% तक एथेनॉल मिले पेट्रोल के साथ चलने के लिए डिजाइन किया गया है। लेकिन अप्रैल 2025 से बेची जाने वाली गाड़ियां ही पूरी तरह से E20 के अनुकूल हैं। सरकार E22, E25, E27 और E30 के लिए भी स्टैंडर्ड तैयार कर रही है, जिससे पेट्रोल में 30% तक एथेनॉल मिलाने की इजाजत मिल सकेगी। इसके अलावा E25 गाड़ियों के लिए ट्रायल भी शुरू किए जा रहे हैं।

क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स?
ऑटो इंडस्ट्री के अधिकारियों और एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादातर पेट्रोल गाड़ियां E20 फ्यूल के साथ भी पूरी तरह से मटीरियल और फ्यूल के हिसाब से कम्प्लायंट नहीं हैं। इसलिए एथेनॉल ब्लेंडिंग में कोई भी अनिवार्य बढ़ोतरी न सिर्फ माइलेज कम करेगी बल्कि ऐसी गाड़ियों के मेंटेनेंस का खर्च भी बढ़ाएगी। इससे वीकल ओनर्स का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित होगा।

हालांकि, इंडस्ट्री फ्लेक्स फ्यूल गाड़ियां लाने के लिए तैयार है। मारुति सुज़ुकी और हीरो मोटोकॉर्प की गाड़ियां सड़कों पर आ चुकी हैं और दूसरी कंपनियां भी अपनी लॉन्च की योजनाएं तैयार कर रही हैं। ऑटो इंडस्ट्री ने ब्लेंडिंग में बढ़ोतरी को धीरे-धीरे लागू करने का सुझाव दिया है। वे राज्य इसकी वकालत कर रहे हैं जहां गन्ने का उत्पादन ज्यादा होता है। इसके अलावा, ताकतवर शुगर लॉबी भी इसकी वकालत कर रही है।