मां और मामा ने मिलकर खेला ऐसा खूनी खेल, देखकर दहला हरकोई-देंखे तस्वीरें

सहारनपुर। सहारनपुर के रामपुर मनिहारान कस्बे में हुए शिवकुमार हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि शिवकुमार की हत्या से कुछ देर पहले भी उसका आरोपियों के साथ झगड़ा हुआ था। पता चला है कि आरोपी मंजीत अपनी बहन आकांक्षा को जबरदस्ती अपने साथ लेकर घर जाना चाहता था।

सहारनपुर के रामपुर मनिहारान कस्बे में हुए शिवकुमार हत्याकांड में पुलिस ने आरोपी विमला और कर्मवीर को गिरफ्तार कर लिया है, जो शिवकुमार की पत्नी आकांक्षा की मां और मामा है। अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है।

बता दें, कि शामली जिले के गांव खेड़ी बैरागी निवासी शिवकुमार (27) अपनी पत्नी आकांक्षा को पुलिस भर्ती की परीक्षा दिलाने के लिए मंगलवार को रामपुर मनिहारान स्थित गोचर कृषि इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर आया था। परीक्षा खत्म होने के बाद शिवकुमार अपने ममेरे भाई और आकांक्षा के साथ कार से जा रहा था, तभी रास्ते में आकांक्षा के भाई मंजीत व अन्य आरोपियों ने शिवकुमार की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

शिवकुमार और आकांक्षा एक ही गांव के रहने वाले थे। दोनों ने चार माह पहले प्रेम विवाह किया था, जिससे आकांक्षा के परिजन नाराज थे। पुलिस ने आकांक्षा के भाई आरोपी मंजीत, परमजीत, मां विमला, मौसम, आदित्य, मामा कर्मवीर व अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।

‘गांव के लोग ताना मारते थे जिससे वे तंग आ चुके थे’

पोस्टमार्टम में आया है कि उसकी मौत एक गोली सिर में लगने से हुई थी जो सिर में ही धंसी रह गई थी। एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि विमला और कर्मवीर को गिरफ्तार कर लिया गया है। विमला ने बताया कि गांव के लोग ताना मारते थे जिससे वे तंग आ चुके थे।

हत्या से पहले हुआ था आरोपियों के साथ झगड़ा

यह भी सामने आया कि शिवकुमार की हत्या से कुछ देर पहले भी उसका आरोपियों के साथ झगड़ा हुआ था। पता चला है कि आरोपी मंजीत अपनी बहन आकांक्षा को जबरदस्ती अपने साथ लेकर घर जाना चाहता था।

आकांक्षा और उसके पति शिवकुमार ने इसका विरोध किया। वहां पर उनके बीच काफी झड़प हुई, जिसके बाद शिवकुमार अपनी पत्नी आकांक्षा को कार में बिठाकर वहां से चल दिया था। उसी समय आकांक्षा के परिजनों ने कह दिया था कि दोनों बचकर नहीं जा पाओगे।

परीक्षा केंद्र के आसपास बढ़ाई गई सख्ती
यह घटनाक्रम परीक्षा केंद्र से दूर हुआ है, लेकिन बुधवार को परीक्षा केंद्र के आसपास पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई। कोई भी बाहरी व्यक्ति केंद्र के आसपास फटकने नहीं दिया। हालांकि यह पुलिस भर्ती परीक्षा की मुस्तैदी के लिए किया गया था, लेकिन इसे मंगलवार को घटनाक्रम से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन
चार माह पूर्व परिजनों की मर्जी के बिना प्रेम विवाह करने वाले गांव खेड़ी बैरागी निवासी शिवकुमार (27) की हत्या को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में गम व गुस्से का माहौल है। मृतक की मां कांति देवी ने कहा कि परिवार को न्याय मिलना चाहिए तथा सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए एनकाउंटर होना चाहिए। चेतावनी दी कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिलता तो आंदोलन किया जाएगा।

उधर, पोस्टमार्टम के बाद बुधवार सुबह गांव में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान ग्रामीण, परिचित व रिश्तेदार मौजूद रहे। शिवकुमार की मंगलवार को जिला सहारनपुर के रामपुर मनिहारन क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस समय वह अपनी पत्नी आकांक्षा को पुलिस भर्ती परीक्षा दिलाने के बाद घर लौट रहा था।

परिजनों की तरफ से आकांक्षा ने अपने भाई व मामा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिवकुमार और आकांक्षा एक ही गांव के निवासी थे तथा दोनों के घर आमने-सामने हैं। करीब चार माह पूर्व दोनों ने प्रेम विवाह किया था।

युवती के परिजनों के सहमत न होने पर दोनों शामली में अटल बिहार कॉलोनी में रह रहे थे। विवाह के बाद से दोनों परिवारों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी। बुधवार को सुबह शव गांव में पहुंचा। इसके बाद गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया गया। शांति व्यवस्था के लिए गांव में पुलिस बल तैनात रहा।

मृतक की मां कांति देवी ने बेटे की हत्या को सुनियोजित साजिश बताते हुए आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि परिवार को पहले भी चार-पांच बार धमकियां मिल चुकी थीं। उसने आरोप लगाया कि हत्या की पूरी योजना आकांक्षा के अन्य भाई अजीत, जो सीआरपीएफ में नौकरी करता है ने बनाई थी। हालांकि अजीत का नाम एफआईआर में नहीं है लेकिन परिजन ने अजीत पर कार्रवाई के लिए अधिकारियों से मुलाकात की है।

शिवकुमार की हत्या को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में गम व गुस्से का माहौल
शिवकुमार की मां ने कहा कि परिवार को न्याय मिलना चाहिए तथा सभी आरोपियों का एनकाउंटर होना चाहिए। इसके साथ ही अजीत को नौकरी से निकाल देना चाहिए। घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ निष्पक्ष एवं कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।