पटना: ‘ई जो खान हैं ना.. जिसको फैजल खान कहते हैं। एक नंबर का फ्रॉड है ई खान। इसका यूपी में ही घर परिवार के लोग कह रहे हैं कि ये कोई टीचर नहीं है। बल्कि, फर्जी आदमी है। ये पढ़ाई कम करता है, नेतागिरी ज्यादा बतियाते रहता है। डायलॉगबाजी ज्यादा करता है।’ पटना के कोचिंग सेंटर में हुई मारपीट, तोड़फोड़ और फायरिंग मामले में सियासत की एंट्री हो चुकी है।
छातापुर (सुपौल) से बीजेपी विधायक और बिहार के पूर्व मंत्री नीरज कुमार सिंह उर्फ नीरज बबलू ने ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ के संस्थापक खान सर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नीरज बबलू ने खान सर को फर्जी बताते हुए कहा कि वह पढ़ाई से ज्यादा डायलॉगबाजी और नेतागिरी करते हैं। इस मामले में कोर्ट ने खान सर को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी है, जबकि दूसरे आरोपी रौशन आनंद की जमानत याचिका खारिज होने के बाद जेल में हैं।
खान सर पर बरसे BJP MLA नीरज बबलू
पूर्व मंत्री नीरज बबलू ने खान सर के असली नाम ‘फैजल खान’ का जिक्र करते हुए उन्हें निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में खान सर के खुद के घर-परिवार के लोग उन्हें फर्जी बताते हैं। बबलू ने आरोप लगाया कि खान सर का न तो कोचिंग संस्थान रजिस्टर्ड है और न ही उनका हॉस्पिटल पंजीकृत है। उन्होंने दावा किया कि विवाद के दौरान खान सर के ही बॉडीगार्ड ने गोली चलाई थी, इसलिए पुलिस को उन पर सबसे पहले और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए थी।
खान सर से जुड़ा पूरा विवाद क्या है?
पटना के कोचिंग सेंटरों के बीच हुए हिंसक विवाद, मारपीट और फायरिंग मामले में पुलिस कानूनी कार्रवाई कर रही।
कोर्ट ने खान सर की गिरफ्तारी और दंडात्मक कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है, जिससे वे अभी स्वतंत्र हैं।
ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद की जमानत याचिका खारिज हो चुकी है और वे जेल में हैं।
नीरज बबलू के अनुसार, खान सर को मिला अदालती स्टे परमानेंट नहीं है,मौका मिलते ही गिरफ्तार करना चाहिए।
BJP MLA ने की रौशन आनंद की तारीफ
ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद का बचाव करते हुए नीरज बबलू ने कहा कि उन्हें जबरदस्ती इस मामले में फंसाया गया है। रौशन आनंद कोसी क्षेत्र के रहने वाले हैं। पूर्व मंत्री ने दावा किया कि वो उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी जानते हैं। उन्होंने कहा कि रौशन एक अच्छा शिक्षक है, बच्चों को बेहतरीन पढ़ाता है और क्षेत्र में उसके चाहने वाले बहुत हैं। रौशन आनंद के साथ सरासर गलत और अन्याय हुआ है।
जमानत के लिए नए सिरे से तैयारी
इधर, कोर्ट से झटका लगने के बाद रौशन आनंद के वकीलों ने हार नहीं मानी है। कानूनी टीम अब नए सिरे से दस्तावेज और दलीलें तैयार कर रही है ताकि ऊपरी अदालत से रौशन आनंद को जल्द से जल्द जमानत दिलाई जा सके। राजनीतिक समर्थन मिलने के बाद अब इस कानूनी लड़ाई के और दिलचस्प होने की उम्मीद है।