कांग्रेस से अलग होकर बने सभी क्षेत्रीय दलों से अब राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बड़ी अपील की है. देश के मौजूदा हालात को देखते हुए अशोक गहलोत का कहना है कि सभी छोटी पार्टियों को फिर से कांग्रेस में शामिल हो जाना चाहिए और पूरे दिल से राहुल गांधी को अपना नेता स्वीकार कर लेना चाहिए.
शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत के बाद अब अशोक गहलोत ने भी कहा कि अब लड़ाई लोकतंत्र को बचाने की है. कांग्रेस से अलग होकर जितनी भी रीजनल पार्टियां बनी हैं, उन्हें वापस से कांग्रेस में शामिल होना चाहिए और यह मानना चाहिए कि राहुल गांधी ही इंडिया अलायंस के लीडर हैं.
‘राहुल गांधी को नेता बनाया तो वोटिंग पैटर्न में आएगा बदलाव’
शिवसेना यूबीटी सांसद की बात का समर्थन करते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि संजय राउत की बात में दम है. अब समय आ गया है. हम सब डेमोक्रेसी को बचाने के लिए जंग के मैदान में खड़े हैं. अब देश को क्लियर कट मैसेज देना होगा कि हमारे पास एक नेता हैं, जिन्हें सबने स्वीकार किया है. तभी जनता हमें सपोर्ट करेगी.
जनता देखेगी कि एक तरफ नरेंद्र मोदी हैं और दूसरी तरफ राहुल गांधी. जब यह क्लियर कट मैसेज जाएगा कि सभी पार्टियों ने सर्वसम्मति से राहुल गांधी को अपना नेता चुन लिया है, तो देश के वोटिंग पैटर्न में बदलाव साफ देखने को मिलेगा.
‘स्वतंत्र पार्टियों से कोई शिकायत नहीं’
अशोक गहलोत ने आगे कहा, “यह अलग बात है कि शिवसेना हमेशा से ही एक अलग पार्टी थी. CPI (M) और CPI भी हमेशा से अलग दल रहे हैं. हम उनपर दावा नहीं कर सकते, न ही उनपर दबाव डाल सकते हैं लेकिन अन्य पार्टियों को इस बारे में सोचना चाहिए. जैसे कि समाजवादी पार्टी का गठन भी स्वतंत्र रूप से हुआ था. वह कांग्रेस का हिस्सा नहीं थी. हमें उनसे कोई शिकायत नहीं है.
युवाओं से अपील- ‘देश की सियासी बागडोर संभालें’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गहलोत ने कहा, “मेरा मानना है कि इस देश का लोकतंत्र खतरे में है. बहुत ज्यादा खतरे में है. मैं देश के युवाओं से लगातार बातचीत क्यों करता हूं? मैं उनसे अपील करता हूं कि अपनी विचारधारा राजनीति में आएं, चाहे आप छात्र हों या युवा. आपका समय आ गया है. आइए और देश की सियासत संभालिए.”
गहलोत ने युवाओं को सुझाव दिया, “सबकी विचारधाराएं समझिए. जो विचार आपको पसंद आएं और जो देशहित में हों, उनके साथ जुड़िए. हमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन कम से कम राजनीति का हिस्सा तो बनिए. भविष्य में इतिहास आपसे सवाल करेगा कि देश को आगे बढ़ाने में आपका क्या योगदान था? इस जिम्मेदारी से पीछे मत भागिए, दूर मत रहिए.”